फिटनेस का वीडियो नहीं बनाया तो होगी FIR, 15 साल से पुराने वाहनों पर सख्त कार्रवाई
Wednesday, Feb 18, 2026-02:07 PM (IST)
जयपुर। राजस्थान में अब ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन और फिटनेस सेंटर्स पर वाहनों की फिटनेस जांच में गड़बड़ी की शिकायतों और फर्जीवाड़े को रोकने के लिए परिवहन विभाग ने सख्त कदम उठाया है। विभाग ने प्रदेश के सभी एटीएस और फिटनेस सेंटरों को विस्तृत निर्देश जारी कर कहा कि अब हर वाहन की फिटनेस जांच की पूरी प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग करना अनिवार्य होगी। इस संबंध में परिवहन आयुक्त पुरुषोत्तम शर्मा ने निर्देश जारी किए हैं।
राजस्थान सरकार के परिवहन विभाग के अनुसार नई व्यवस्था के तहत दुपहिया वाहनों की जांच के लिए कम से कम 7 मिनट और अन्य वाहनों के लिए न्यूनतम 10 मिनट की वीडियो रिकॉर्ड करना जरूरी हो गया है। वीडियो में वाहन का प्रवेश और निकास, टेस्ट लेन, उपकरण क्षेत्र, कंट्रोल रूम, वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर, चेसिस नंबर और निरीक्षण की पूरी प्रक्रिया स्पष्ट रूप से दिखाई देनी चाहिए।
बिना निरीक्षण के किसी वाहन की फिटनेस जारी की तो संबंधित एटीएस संचालक और अधिकृत निरीक्षणकर्ता के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। ऐसे में निगरानी की जिम्मेदारी जिला परिवहन अधिकारियों को सौंपी गई है।
दूसरी तरफ, राजस्थान की राजधानी जयपुर की हवा में घुलते जहर को रोकने के लिए आरटीओ प्रथम ने बड़ा कदम उठाया है। 15 साल से ज्यादा पुराने कमर्शियल वाहनों के खिलाफ सख्त अभियान शुरू करने का फैसला किया गया है।
नॉन अटेनमेंट सिटी घोषित होने के कारण जयपुर में ऐसे वाहनों का संचालन पहले से बैन है, इसके बावजूद इनके चलने की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। अब परिवहन विभाग ने जयपुर में रजिस्टर्ड सभी पुराने कमर्शियल वाहनों पर सीधी कार्रवाई की तैयारी कर ली है।
आरटीओ प्रथम राजेंद्र सिंह शेखावत के मुताबिक राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण के साफ निर्देश हैं कि तय समय सीमा पूरी कर चुके कमर्शियल वाहनों को शहर में चलने की इजाजत नहीं।
आपको प्रदूषण के बढ़ते स्तर को देखते हुए इन्हें पहले ही फेज आउट कर दिया गया था, लेकिन नियम तोड़ने के मामले सामने आते रहे। अब इसें रोकने के लिए 45 दिनों का विशेष अभियान शुरू किया जा रहा है, जिसमें नियम तोड़ने वाले वाहनों को तुरंत जब्त कर लिया जाएगा। धन्यवाद।
