शिवगढ़ी में लगातार छठे साल सन्नाटा: महाशिवरात्रि पर भी मोतीडूंगरी के कपाट बंद
Thursday, Feb 05, 2026-02:51 PM (IST)
जयपुर. जयपुर के मोतीडूंगरी पहाड़ी पर स्थित प्राचीन एकलिंगेश्वर महादेव मंदिर (शिवगढ़ी) के श्रद्धालुओं को इस साल भी महाशिवरात्रि पर निराशा हाथ लगी है। सुरक्षा कारणों और पहाड़ी की कमजोर स्थिति को देखते हुए, मंदिर के कपाट लगातार छठे वर्ष खुले नहीं। शहर की सबसे ऊंची चोटी पर विराजमान महादेव के दर्शन के लिए सैकड़ों श्रद्धालु हर साल मध्यरात्रि से लंबी कतारों में खड़े होते थे, लेकिन इस बार दर्शन की आस टूट गई।
यह शिवालय जयपुर की स्थापना से पहले का माना जाता है और अपनी विशिष्टता के लिए विख्यात है। मंदिर में महादेव का अतिसूक्ष्म श्वेत शिवलिंग विराजमान है। पहले केवल महाशिवरात्रि के दिन ही यह मंदिर आमजन के लिए खुलता था। स्थापत्य और धार्मिक महत्व के कारण यह मंदिर उदयपुर के प्रसिद्ध एकलिंगेश्वर मंदिर की प्रतिकृति के रूप में भी जाना जाता है।
मंदिर प्रबंधन और पूर्व राजपरिवार के सदस्यों के अनुसार, पहाड़ी की जर्जर चढ़ाई और दरारें सुरक्षा खतरे के रूप में सामने आई हैं। भारी भीड़ के कारण किसी भी संभावित दुर्घटना को टालने के लिए यह कठिन निर्णय लिया गया। एडवोकेट राजेश कर्नल ने बताया कि कई हिस्सों में चट्टानों की स्थिति असुरक्षित है, इसलिए श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोपरि है।
युवा पीढ़ी में इस निर्णय से टीस और निराशा है। कई युवाओं ने बताया कि वे पूर्वजों से मंदिर की ऊंचाई और दिव्य वातावरण के बारे में सुनते आए हैं और लाइव दर्शन की उम्मीद रखते थे। साक्षी गुप्ता और रमेश शर्मा जैसे श्रद्धालु मानते हैं कि यह केवल मंदिर नहीं, बल्कि जयपुर की ऐतिहासिक विरासत का प्रतीक भी है।
शिवगढ़ी बंद रहने के बावजूद, जयपुर के अन्य शिवालयों में महाशिवरात्रि की भव्य तैयारियां की जा रही हैं। ताड़केश्वर, झाड़खंड, जंगलेश्वर, भूतेश्वर, रोजगारेश्वर सहित कई प्रमुख मंदिरों में जलाभिषेक और विशेष पूजन होंगे। बाबा अमरनाथ की तर्ज पर बर्फ की झांकियां और भक्तों के आकर्षण के लिए विशेष आयोजन किए जाएंगे। संपूर्ण परकोटा और आसपास के क्षेत्र में “हर-हर महादेव” के जयघोष से माहौल गूंजेगा।
इस प्रकार, जबकि शिवगढ़ी में दर्शन की परंपरा सुरक्षा कारणों से बाधित हुई है, जयपुर के अन्य मंदिरों में महाशिवरात्रि उत्सव की धूम जारी रहेगी और भक्तों को धार्मिक अनुभव का अवसर मिलेगा।
