ईरान-इजराइल संघर्ष के बीच दुबई में फंसे नागौर के हजारों मजदूर, फोन पर सुनाई डरावनी कहानी
Monday, Mar 02, 2026-03:06 PM (IST)
नागौर: नागौर के हजारों मजदूर खाड़ी देशों में ईरान-इजराइल संघर्ष के बीच भयावह परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं। अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर हमले और उसके बाद ईरान की जवाबी कार्रवाई के चलते खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है। बहरीन, यूएई, कतर सहित कई देशों में अमेरिकी बेस और रिहायशी इलाकों पर मिसाइल हमले हुए हैं, जिससे जान-माल का नुकसान भी हुआ है।
लाडनूं के गिरधारीपुरा के रहने वाले राजेश कड़वासरा बताते हैं कि वे दुबई के जबलाली एरिया में अपने ट्रक के साथ हैं। उन्होंने फोन पर बताया कि कल से पूरे दुबई में अलर्ट जारी है और आज भी जबलाली एरिया में 8 से 10 विस्फोट हुए हैं। सरकार ने सभी को सुरक्षित क्षेत्रों में रहने और घरों से बाहर न निकलने का आदेश दिया है। “हम सब सुरक्षित हैं, लेकिन भय का माहौल है। मैं कल से अपने ट्रक में ही रह रहा हूं,” राजेश ने कहा।
आबू धाबी में रहने वाले उनके भाई हरी कड़वासरा ने बताया कि उन्हें कल से ही छुट्टी दे दी गई और एक कमरे में तीन लोग रह रहे हैं। उनके आसपास कोई घटना नहीं हुई, लेकिन सुरक्षा के कारण उन्हें घरों में रहने का आदेश मिला है। झुंझनू के हीरा नंद और विक्रम बेनीवाल ने बताया कि जिस कंपनी में वे काम करते हैं, वहां 1.5 लाख लोग हैं और सभी को सुरक्षित स्थान पर भेज दिया गया है।
लाडनूं के मिण्डासरी निवासी निर्मल ठोलिया ने बताया कि कल जब वे जबलाली पार्को एरिया से निकल रहे थे, तभी पास की बिल्डिंग में कई धमाके हुए। पूरी बिल्डिंग आग की लपटों में घिर गई, लेकिन वे सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहे। ठोलिया ने कहा, “हमारे आसपास 25-30 लोग हैं, सभी राजस्थान से हैं। 700 मीटर दूर ही अभी हाल ही में मिसाइल हमला हुआ। हमें बाहर निकलने से मना किया गया, माहौल बहुत खराब है।”
डीडवाना के बड़ी बेरी के सुपरवाइजर प्रेम रॉयल ने भी बताया कि उन्हें कल छुट्टी पर भेज दिया गया और सभी घरों में सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा कि आसपास लगातार धमाके हो रहे हैं, माहौल बहुत खतरनाक है, लेकिन सभी मजदूर सुरक्षित हैं।
सभी मजदूरों ने बताया कि भय का माहौल है, लेकिन सरकार और स्थानीय प्रशासन की ओर से सुरक्षा उपाय किए जा रहे हैं। वे घरों में रहते हुए ही हालात की जानकारी साझा कर रहे हैं और आगे भी सुरक्षित रहने की कोशिश कर रहे हैं।
