नागौर में दो-दो डीएसटी! हिस्ट्रीशीटर के वीडियो ने कार्यशैली पर खड़े किए सवाल

Thursday, Apr 16, 2026-05:43 PM (IST)

नागौर: राजस्थान के नागौर जिले में जिला स्पेशल टीम (डीएसटी) को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। हाल ही में जिले में दो अलग-अलग डीएसटी टीमों के सक्रिय होने का खुलासा हुआ है, जबकि पुलिस मुख्यालय के आदेशानुसार एक जिले में केवल एक डीएसटी का गठन किया जाना चाहिए। एक टीम मेड़ता डीएसटी के नाम से तो दूसरी टीम नागौर डीएसटी के नाम से काम कर रही है, और दोनों के प्रभारी भी अलग-अलग हैं। यह स्थिति पुलिस विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाती है, खासकर जब यह जानकारी सामने आई है कि इन टीमों में से एक की कार्यप्रणाली पर संदेह जताया जा रहा है।

 

यह मामला उस समय और गरम हो गया जब नागौर शहर के एक हिस्ट्रीशीटर और डीएसटी के कांस्टेबल के बीच हुई बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में कांस्टेबल को हिस्ट्रीशीटर के सामने गिड़गिड़ाते हुए देखा गया, जिससे यह कयास लगाए जा रहे हैं कि कुछ पुलिसकर्मियों का तस्करों से सीधा संपर्क था। इस वीडियो के सामने आने के बाद पुलिस अधीक्षक (एसपी) रोशन मीना ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन कांस्टेबलों को निलंबित कर दिया और पूरी डीएसटी टीम को लाइन हाजिर कर दिया। इस कदम से पुलिस विभाग में आंतरिक सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।

 

हालांकि, इस घटना के बाद पुलिस की छवि को ठेस पहुंची है, लेकिन एसपी मीना ने सख्त संदेश दिया है कि इस तरह के पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अब आईपीएस अधिकारी जतिन जैन द्वारा मामले की जांच की जा रही है, और डीएसटी से जुड़े पुलिसकर्मियों से पूछताछ की जाएगी। साथ ही, इलेक्ट्रॉनिक एविडेंस भी खंगाले जाएंगे ताकि तस्करों और पुलिसकर्मियों के बीच संभावित संपर्क की सच्चाई सामने आ सके।

 

नागौर जिले में 18 दिसंबर 2025 को एसपी मृदुल कच्छावा द्वारा नई डीएसटी का गठन किया गया था, जिसमें कुल 16 पुलिसकर्मी शामिल किए गए थे। हालांकि, इसमें पांच ऐसे पुलिसकर्मी भी शामिल थे जो पहले से ही डीएसटी का हिस्सा थे। विशेषज्ञों का कहना है कि पुलिसकर्मी किसी भी स्पेशल टीम में चार साल से अधिक समय तक नहीं रह सकते, लेकिन नागौर में कई पुलिसकर्मी लंबे समय से डीएसटी में बने हुए हैं, जो नियमों का उल्लंघन है।

 

नागौर पुलिस के कार्यप्रणाली को लेकर उठ रहे सवालों के बीच अब विभागीय जांच से स्थिति स्पष्ट होने और सुधार की उम्मीद की जा रही है।


Content Editor

Anil Jangid

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