द आर्ट ऑफ इंडिया 2026: जयपुर में पहली बार AOI फेस्टिवल, 300 से अधिक कलाकृतियों के साथ भव्य शुरुआत
Saturday, Feb 14, 2026-03:54 PM (IST)
जयपुर। देश के प्रतिष्ठित कला उत्सव The Times of India के Art of India (AOI) Festival का आयोजन पहली बार जयपुर में किया गया। The Art of India 2026 के अंतर्गत आयोजित यह भव्य प्रदर्शनी 13 से 22 फरवरी 2026 तक Rajasthan International Centre (RIC) में आम जनता के लिए खुली है।
इस विशेष अवसर पर ‘एडवेंचर्स इन द मैजिकल लैंडस्केप’ विषय पर एक महत्वपूर्ण पैनल चर्चा का आयोजन किया गया, जिसमें प्रसिद्ध कलाकारों, क्यूरेटरों, विद्वानों और कला प्रेमियों ने भाग लिया। चर्चा के दौरान भारतीय कला की शास्त्रीय परंपराओं से लेकर आधुनिक और प्रयोगधर्मी अभिव्यक्तियों तक की यात्रा पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। विशेषज्ञों ने उभरते कलाकारों को मंच देने और सांस्कृतिक संवाद को सशक्त बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।
300 से अधिक कलाकृतियाँ, विविध विषयों का संगम
प्रदर्शनी के पाँचवें संस्करण में 300 से अधिक कलाकृतियाँ प्रदर्शित की गई हैं। इनमें पवित्र नदियों, मंदिर नगरों, वस्त्र कला, कागज़ पर आधारित परंपराओं, जनजातीय कला और आधुनिक शहरी जीवन जैसे विविध विषयों को समाहित किया गया है। यह प्रदर्शनी भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और समकालीन कला दृष्टि का अनूठा संगम प्रस्तुत करती है।
प्रदर्शनी की क्यूरेटर प्रसिद्ध कला इतिहासकार Dr. Alka Pande हैं, जबकि जयपुर संस्करण का संचालन RIC की क्यूरेटर एवं सहायक कार्यक्रम अधिकारी Nikhat Ansari द्वारा किया जा रहा है।
दिग्गज कलाकारों की मौजूदगी
इस प्रदर्शनी में देश के सुप्रसिद्ध कलाकारों की उत्कृष्ट कृतियाँ प्रदर्शित हैं, जिनमें शामिल हैं —
M. F. Husain
Bhupen Khakhar
Satish Gujral
Paresh Maity
Himmat Shah
साथ ही राजस्थान के कलाकार — Sachin Kothari, Abbas Batliwala, Manoj Tailor, Dr. Chandra Shekhar Sain और Kalyan Joshi की कृतियाँ भी विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं।
RIC निदेशक का वक्तव्य
RIC के निदेशक Nihal Chand Goel ने कहा,
“राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर के लिए यह गर्व का विषय है कि द आर्ट ऑफ इंडिया 2026 का आयोजन जयपुर में हो रहा है। राजस्थान ने सदैव कला के हर रूप को सम्मान दिया है। यह प्रदर्शनी भारतीय सृजनात्मकता की श्रेष्ठ अभिव्यक्तियों को एक मंच पर प्रस्तुत करती है। हम सभी कला प्रेमियों, विद्यार्थियों और दर्शकों का स्वागत करते हैं।”
कार्यक्रम में कला प्रेमियों, विद्यार्थियों, शिक्षाविदों और मीडिया प्रतिनिधियों की उत्साहपूर्ण उपस्थिति रही। आयोजकों ने सभी प्रतिभागियों, कलाकारों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया और इसे भारतीय कला की वैश्विक पहचान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
