राजस्थान बजट 2026 में धौलपुर को क्या मिला, देखिए
Wednesday, Feb 11, 2026-07:49 PM (IST)
राजस्थान की भजनलाल सरकार ने आज अपना पूर्व बजट पेश किया। मगर इस बजट से धौलपुर की जनता ज्यादा खुश नजर नहीं आ रही। धौलपुर की जनता का कहना है कि पिछले साल की तरह इस बार भी धौलपुर जिले को राज्य बजट से बड़ी राहत की उम्मीद थी, लेकिन घोषित प्रावधानों ने आमजन की अपेक्षाओं पर पूरी तरह खरा नहीं उतरा। शहर में लंबे समय से बदहाल पड़ी सड़कों और हर बारिश में होने वाले जलभराव की समस्या के समाधान को लेकर लोग आशान्वित थे, मगर बजट में इन मुद्दों पर कोई ठोस घोषणा नहीं की गई।
पुराने अस्पताल भवन में नए अस्पताल की शुरुआत की मांग भी इस बार शामिल नहीं हो सकी, जिससे नागरिकों में निराशा का माहौल देखा जा रहा है।
क्या मिला धौलपुर को?
वित्त मंत्री दिया कुमारी द्वारा पेश किए गए बजट में धौलपुर के लिए कुछ विकासात्मक घोषणाएं जरूर की गई हैं। बिजौली क्षेत्र में नए औद्योगिक क्षेत्र के विकास की बात कही गई है, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने की संभावना है। साथ ही जिले में एक खेल स्टेडियम के निर्माण की भी घोषणा की गई है।
स्वास्थ्य सुविधाओं के तहत जिला अस्पताल में नशा मुक्ति वार्ड स्थापित किया जाएगा। इसके अलावा ‘मोक्ष वाहिनी योजना’ लागू की जाएगी, जिसके तहत अस्पताल की मोर्चरी से शव को सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार स्थल तक पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
रामसागर बांध पर बड़ा प्रावधान
मानसून के दौरान बांध के ऊपरी हिस्से में बसे गांवों में जलभराव की समस्या को ध्यान में रखते हुए रामसागर बांध पर 9 करोड़ 33 लाख रुपये की लागत से स्लिपवे गेट लगाए जाएंगे। इस कार्य से बाड़ी और बसेड़ी क्षेत्र के सहेड़ी, कांसोटी खेड़ा, महाराजपुरा, कल्याणपुरा, उमरेह, देवी सिंह का पूरा, अमरूपुरा और चोखापुरा सहित लगभग 15 हजार लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।
पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण पर फोकस
धौलपुर-करौली बाघ परियोजना के अंतर्गत आवास सुधार, घासभूमि विकास, मृदा संरक्षण, अवांछित वनस्पतियों के नियंत्रण और प्राकृतिक जल स्रोतों के संरक्षण जैसे कार्य किए जाएंगे। वहीं, केसरबाग वन्यजीव अभयारण्य के इको सेंसिटिव जोन के लिए जोनल मास्टर प्लान तैयार कराने की भी घोषणा की गई है, जिससे क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिलेगी।
बुनियादी समस्याओं पर सवाल बरकरार
हालांकि कुछ योजनाओं की घोषणा हुई है, लेकिन शहर की मूलभूत समस्याएं- जर्जर सड़कें और स्थायी जलनिकासी व्यवस्था का अभाव अब भी अनदेखी रह गई हैं। स्थानीय नागरिकों का मानना है कि जब तक इन आधारभूत मुद्दों का समाधान नहीं किया जाएगा, तब तक अन्य विकास योजनाओं का प्रभाव सीमित ही रहेगा।
