पेपर लीक पर गरमाई सियासत: राहुल गांधी पर BJP का हमला, गहलोत राज को लेकर तीखे सवाल

Thursday, Jun 18, 2026-05:41 PM (IST)

जयपुर। राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर शिक्षा और भर्ती परीक्षाओं में कथित पेपर लीक का मुद्दा केंद्र में आ गया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi के कोटा दौरे के बाद भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच तीखी राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। इस पूरे विवाद ने राज्य की राजनीति को और अधिक गर्मा दिया है।

 

भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कांग्रेस के पिछले शासनकाल पर गंभीर आरोप लगाते हुए सवाल उठाया है कि पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के कार्यकाल में कथित 19 भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक मामलों पर राहुल गांधी ने चुप्पी क्यों साधे रखी। इस मुद्दे पर राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कहा कि जब राज्य में भर्ती परीक्षाओं में धांधली के आरोप लग रहे थे, तब कांग्रेस नेतृत्व और राहुल गांधी ने कोई ठोस कदम या बयान नहीं दिया।

 

बीजेपी नेता राजेंद्र राठौड़ ने भी आरोप लगाते हुए कहा कि इन पेपर लीक मामलों के कारण लाखों युवाओं के भविष्य पर असर पड़ा। उन्होंने दावा किया कि युवाओं के रोजगार अवसर प्रभावित हुए और भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल उठे।

 

वहीं दूसरी ओर कांग्रेस ने इन आरोपों का पलटवार करते हुए मौजूदा केंद्र सरकार और भाजपा नेतृत्व को जिम्मेदार ठहराया है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि परीक्षा प्रणाली में मौजूद खामियों, सीमित सीटों और बढ़ती बेरोजगारी के लिए मौजूदा नीतियां जिम्मेदार हैं।

 

राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने Rahul Gandhi के कोटा दौरे को छात्रों के हित में एक महत्वपूर्ण संवाद बताया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार युवाओं के वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटका रही है, जबकि देश में परीक्षा प्रणाली और शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की आवश्यकता है।

 

इसी तरह कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने मेडिकल और इंजीनियरिंग शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि हर साल लाखों छात्र NEET जैसी परीक्षाओं में शामिल होते हैं, लेकिन सरकारी मेडिकल सीटों की संख्या बेहद सीमित है। उन्होंने आरोप लगाया कि निजी कॉलेजों की भारी फीस के कारण गरीब और मध्यम वर्ग के छात्रों के लिए डॉक्टर बनना मुश्किल होता जा रहा है।

 

यह पूरा विवाद Kota में छात्रों के साथ राहुल गांधी की मुलाकात के बाद और तेज हो गया, जहां उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं से संवाद किया था। भाजपा नेताओं ने इस दौरे को राजनीतिक स्टंट बताया, जबकि कांग्रेस ने इसे युवाओं की समस्याओं को उजागर करने वाला कदम करार दिया।

 

इस बीच राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पेपर लीक का मुद्दा केवल कानून-व्यवस्था या परीक्षा प्रणाली तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अब यह राजस्थान की राजनीति में एक बड़ा चुनावी और सामाजिक मुद्दा बन चुका है। दोनों दल एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाकर युवाओं के मुद्दे को राजनीतिक मंच पर भुनाने की कोशिश कर रहे हैं।

 

फिलहाल, राजस्थान की जनता के बीच असली सवाल वही बना हुआ है—क्या परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता आएगी और युवाओं को सुरक्षित व निष्पक्ष अवसर मिल पाएंगे, या यह विवाद केवल राजनीतिक बयानबाजी तक ही सीमित रह जाएगा।


Content Editor

Anil Jangid

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