राजस्थान में घरेलू गैस का पर्याप्त स्टॉक: मंत्री सुमित गोदारा बोले—घबराने की जरूरत नहीं
Thursday, Mar 12, 2026-07:59 PM (IST)
जयपुर में गुरुवार को घरेलू गैस आपूर्ति को लेकर प्रेस वार्ता करते हुए खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने कहा कि प्रदेश में घरेलू एलपीजी (रसोई गैस) का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की घबराहट या आशंका की जरूरत नहीं है।
मंत्री ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों के बीच सरकार पूरी सतर्कता के साथ गैस आपूर्ति की निगरानी कर रही है। घरेलू गैस सिलेंडरों की जमाखोरी या अन्य स्रोतों में डायवर्जन रोकने के लिए सभी जिलों में विशेष विजिलेंस दल गठित किए गए हैं। इसके साथ ही जिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और विभागीय अधिकारी नियमित रूप से जांच अभियान चला रहे हैं।
कालाबाजारी और अवैध भंडारण पर सख्त निगरानी
राज्य सरकार द्वारा जिलों में गठित समितियों से मिल रही दैनिक रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में घरेलू गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी या अवैध भंडारण जैसी गतिविधियों पर प्रशासन ने पूरी तरह रोक लगा दी है। फिलहाल ऐसी कोई अवैध गतिविधि सामने नहीं आई है।
गैस बुकिंग के लिए तय किए गए नियम
मंत्री गोदारा ने उपभोक्ताओं से अपील की कि शहरी क्षेत्र के उपभोक्ता पिछली डिलीवरी के 25 दिन बाद और ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ता 45 दिन बाद ही गैस बुकिंग कराएं। उन्होंने कहा कि बुकिंग केवल मोबाइल ऐप, वेबसाइट, व्हाट्सऐप और आईवीआरएस के माध्यम से ही कराई जाए और गैस एजेंसी पर जाकर बुकिंग कराने से बचें।
2-3 दिन में होगी गैस की डिलीवरी
मंत्री ने बताया कि वर्तमान में गैस आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है और बुकिंग के 2 से 3 दिन के भीतर उपभोक्ताओं के घर तक सिलेंडर पहुंचा दिया जाएगा। सभी घरेलू एलपीजी डिलीवरी ओटीपी के माध्यम से की जा रही है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सिलेंडर वास्तविक उपभोक्ता को ही मिले।
व्यावसायिक गैस आपूर्ति पर रोक
उन्होंने बताया कि 9 मार्च 2026 को जारी एलपीजी कंट्रोल ऑर्डर के तहत व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति फिलहाल बंद कर दी गई है। हालांकि भजनलाल शर्मा के निर्देशों के अनुसार व्यावसायिक गैस केवल शैक्षणिक और चिकित्सा संस्थानों को उपलब्ध कराई जा रही है।
शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी
मंत्री ने कहा कि यदि किसी उपभोक्ता को गैस आपूर्ति में परेशानी आती है या सिलेंडरों की कालाबाजारी जैसी कोई अवैध गतिविधि दिखती है तो वह 112, 14435 और 181 हेल्पलाइन नंबरों पर शिकायत दर्ज करा सकता है। शिकायत मिलते ही प्रशासन की ओर से त्वरित कार्रवाई की जाएगी।
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि आमजन को सुगमता से गैस उपलब्ध कराना उसकी प्राथमिकता है और इसके लिए हर स्तर पर निगरानी की जा रही है।
