JJM घोटाले में रिटायर्ड IAS सुबोध अग्रवाल फिर रिमांड पर: बोले- ‘जिसने पैसा लिया, उसकी जांच नहीं’!

Monday, Apr 13, 2026-12:48 PM (IST)

राजस्थान की राजधानी जयपुर में जल जीवन मिशन (JJM) से जुड़े बहुचर्चित 960 करोड़ रुपए के घोटाले में गिरफ्तार रिटायर्ड आईएएस सुबोध अग्रवाल को एक बार फिर एसीबी कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने उन्हें दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है, जिससे मामले की जांच और तेज हो गई है।

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कोर्ट में पेशी और रिमांड

सोमवार को एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) कोर्ट में पेश किए गए सुबोध अग्रवाल को पूछताछ के लिए दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। इससे पहले भी उन्हें तीन दिन की रिमांड पर रखा गया था, जिसमें उनसे विस्तृत पूछताछ की गई।

‘जिसने पैसा लिया, उसकी जांच नहीं’

कोर्ट में पेशी के दौरान मीडिया से बातचीत में सुबोध अग्रवाल ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि उन्होंने जांच में पूरा सहयोग किया है और उनसे जो भी सवाल पूछे गए, उनके जवाब दिए हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि जांच एजेंसी गलत दिशा में काम कर रही है। उनके अनुसार, “जिसने पैसा नहीं लिया उसका नाम लिया जा रहा है, जबकि जिसने वास्तव में पैसा लिया उसकी जांच नहीं हो रही है।”

यह बयान मामले को और ज्यादा संवेदनशील बना रहा है।

फाइनेंस कमेटी पर भी उठाए सवाल

सुबोध अग्रवाल ने यह भी दावा किया कि फाइनेंस कमेटी के कुल 37 मामलों में से केवल 4 उनके कार्यकाल के दौरान के हैं, जबकि बाकी 33 मामले उनसे पहले के अधिकारियों के समय के हैं।

उन्होंने बताया कि इन 33 मामलों में करीब 600 करोड़ रुपए की राशि शामिल है। इससे उन्होंने संकेत दिया कि पूरे घोटाले की जिम्मेदारी केवल उनके ऊपर नहीं डाली जानी चाहिए।

125 सवालों की लिस्ट से पूछताछ

ACB ने इस मामले में गहन जांच के लिए करीब 125 सवालों की विस्तृत सूची तैयार की थी। पिछले तीन दिनों में इन्हीं सवालों के आधार पर सुबोध अग्रवाल से लंबी पूछताछ की गई।

जांच एजेंसी अब रिमांड के दौरान उनसे और महत्वपूर्ण जानकारियां जुटाने की कोशिश करेगी, ताकि पूरे नेटवर्क और अन्य संभावित आरोपियों तक पहुंचा जा सके।

क्या है पूरा मामला?

यह मामला जल जीवन मिशन (JJM) से जुड़ा है, जिसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति के लिए बड़े पैमाने पर परियोजनाएं चलाई जा रही हैं।

आरोप है कि इस योजना के तहत वित्तीय अनियमितताएं हुईं और करोड़ों रुपए के टेंडर और भुगतान में गड़बड़ी की गई।

जांच का अगला चरण

ACB की टीम अब इस घोटाले से जुड़े अन्य अधिकारियों और संभावित लाभार्थियों की भूमिका की भी जांच कर रही है। साथ ही वित्तीय लेन-देन, टेंडर प्रक्रिया और फाइल मूवमेंट की भी पड़ताल की जा रही है।

निष्कर्ष

JJM घोटाले में सुबोध अग्रवाल की पेशी और उनके बयान ने इस मामले को और ज्यादा पेचीदा बना दिया है। अब सभी की नजरें जांच एजेंसी की अगली कार्रवाई और कोर्ट के आगामी फैसलों पर टिकी हैं।

यह मामला न केवल प्रशासनिक पारदर्शिता बल्कि सरकारी योजनाओं की विश्वसनीयता से भी जुड़ा हुआ है।


Content Editor

Payal Choudhary

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