जैसलमेर में फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र से नौकरी पाने का मामला, जांच पर उठे सवाल, कार्रवाई की मांग तेज

Friday, Jun 19, 2026-02:42 PM (IST)

जैसलमेर: जैसलमेर में फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र के आधार पर सरकारी नौकरी पाने का गंभीर मामला सामने आया है, जिसने शिक्षा विभाग और प्रशासनिक व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि कुछ लोगों ने कथित रूप से गलत दस्तावेजों के जरिए शिक्षक की नौकरी हासिल की और लंबे समय से वेतन भी प्राप्त कर रहे हैं।

 

मामले के खुलासे के बावजूद जांच आगे नहीं बढ़ी
सूत्रों के अनुसार, इस मामले का खुलासा होने के बाद भी जांच प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई है। बताया जा रहा है कि जांच में ढिलाई बरती जा रही है, जिससे मामला ठंडे बस्ते में जाने की आशंका जताई जा रही है। स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि कुछ प्रभावशाली जनप्रतिनिधियों के हस्तक्षेप के कारण जांच की गति प्रभावित हो रही है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।


दस्तावेज पंजाब केसरी के हाथ लगे
इस मामले से जुड़े कई दस्तावेज पंजाब केसरी के हाथ लगे हैं। दस्तावेज सामने आने के बाद यह सवाल और गहरा गया है कि आखिर कैसे फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर नियुक्तियां हो गईं और वर्षों तक बिना रोक-टोक के वेतन जारी होता रहा। यदि निष्पक्ष जांच की जाए तो कई और मामलों के खुलने की संभावना जताई जा रही है।

 

टिप्पणी करने से बच रहे शिक्षा विभाग के अधिकारी
शिक्षा विभाग के कुछ अधिकारियों ने इस मामले पर टिप्पणी करने से बचते हुए कहा है कि जांच प्रक्रिया जारी है और सभी तथ्यों की समीक्षा की जा रही है। वहीं, स्थानीय स्तर पर लोगों में इस बात को लेकर नाराजगी है कि यदि आरोप सही साबित होते हैं तो संबंधित व्यक्तियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

 

कथित फर्जी शिक्षकों पर कार्रवाई होगी या नहीं
यह मामला अब प्रशासनिक जवाबदेही और नियुक्ति प्रक्रिया की पारदर्शिता पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है। फिलहाल सभी की नजरें इस पर टिकी हैं कि क्या जांच निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ेगी और क्या कथित फर्जी शिक्षकों पर कार्रवाई होगी या नहीं।


Content Editor

Anil Jangid

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