डूंगरपुर में कांग्रेस का आरोप: पार्षदों पर दबाव और प्रताड़ना, SP को सौंपा ज्ञापन
Friday, Sep 18, 2026-12:38 PM (IST)
डूंगरपुर: नगर निकाय चुनाव के बाद कांग्रेस एवं कांग्रेस समर्थित नवनिर्वाचित पार्षदों और उनके परिजनों पर पुलिस एवं प्रशासन के माध्यम से दबाव बनाए जाने का आरोप लगाया गया है। इस संबंध में जिला कांग्रेस कमेटी ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर मामले में निष्पक्ष जांच और निर्वाचित पार्षदों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से कांग्रेस जिलाध्यक्ष एवं विधायक गणेश घोघरा के नेतृत्व में पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन दिया गया। इसमें आरोप लगाया गया कि जिले के विभिन्न क्षेत्रों में कांग्रेस और कांग्रेस समर्थित पार्षदों को कथित तौर पर भाजपा खेमे में जाने के लिए प्रभावित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। कांग्रेस ने दावा किया कि कुछ पार्षदों और उनके परिजनों पर पुलिस एवं प्रशासनिक कार्रवाई के जरिए दबाव बनाए जाने की शिकायतें सामने आई हैं।
पार्षदों पर दबाव बनाने का आरोप
ज्ञापन में कांग्रेस ने कहा कि नगर निकाय चुनाव परिणाम आने के बाद से विभिन्न क्षेत्रों से निर्वाचित पार्षदों पर दबाव बनाए जाने की सूचनाएं मिल रही हैं। पार्टी के अनुसार, कुछ जनप्रतिनिधियों और उनके परिजनों को प्रभावित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
कांग्रेस ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को अपनी स्वतंत्र इच्छा के अनुसार कार्य करने का अधिकार है। किसी भी प्रकार का दबाव, धमकी या अनुचित कार्रवाई लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए उचित नहीं है।
गणेश घोघरा ने की निष्पक्ष जांच की मांग
कांग्रेस जिलाध्यक्ष एवं विधायक गणेश घोघरा ने पुलिस अधीक्षक से कथित दबाव और प्रताड़ना से जुड़ी शिकायतों पर तत्काल संज्ञान लेने की मांग की। ज्ञापन में संबंधित मामलों की निष्पक्ष जांच कराने और यदि किसी स्तर पर अनुचित दबाव या सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग की शिकायत सही पाई जाती है तो आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह किया गया।
कांग्रेस ने यह भी मांग की कि पुलिस एवं प्रशासन की ओर से किसी भी प्रकार के कथित अनुचित दबाव को रोका जाए, ताकि निर्वाचित पार्षद स्वतंत्र रूप से अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर सकें।
पार्षदों और परिजनों की सुरक्षा की मांग
ज्ञापन में कांग्रेस एवं कांग्रेस समर्थित सभी नवनिर्वाचित पार्षदों और उनके परिजनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग भी की गई। कांग्रेस का कहना है कि जनप्रतिनिधियों को बिना भय या दबाव के लोकतांत्रिक प्रक्रिया में काम करने का अवसर मिलना चाहिए।
हालांकि, ज्ञापन में लगाए गए आरोप कांग्रेस की ओर से किए गए दावे हैं। इन आरोपों पर पुलिस या प्रशासन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
