राजस्थान में 5वीं और 8वीं में खत्म ऑटोमैटिक प्रमोशन, अब फेल होंगे छात्र; 45 दिन में दोबारा परीक्षा का मौका

Wednesday, Feb 11, 2026-06:54 PM (IST)

राजस्थान में शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए राज्य सरकार ने 5वीं और 8वीं कक्षा में ऑटोमैटिक प्रमोशन सिस्टम को समाप्त करने का निर्णय लिया है। अब इन कक्षाओं के विद्यार्थियों को अगली कक्षा में जाने के लिए निर्धारित न्यूनतम अंक प्राप्त करना अनिवार्य होगा। यदि कोई छात्र तय मानकों पर खरा नहीं उतरता है तो उसे फेल माना जाएगा।

क्यों लिया गया फैसला?
शिक्षा विभाग के अनुसार यह निर्णय राज्य में लर्निंग आउटकम सुधारने और ड्रॉपआउट कम करने के उद्देश्य से लिया गया है। विभाग का मानना है कि बिना परीक्षा पास किए प्रमोशन मिलने से बच्चों में पढ़ाई के प्रति गंभीरता कम हो रही थी, जिससे आगे की कक्षाओं में उन्हें बुनियादी विषयों में कठिनाई का सामना करना पड़ता था।

45 दिनों में दोबारा परीक्षा
नए नियमों के तहत यदि कोई विद्यार्थी न्यूनतम अंक प्राप्त नहीं कर पाता है तो उसे सुधार का अवसर दिया जाएगा। फेल होने वाले छात्रों को 45 दिनों के भीतर दोबारा परीक्षा देने का मौका मिलेगा। इस दौरान स्कूलों में विशेष रिमेडियल टीचिंग (सुधारात्मक कक्षाएं) आयोजित की जाएंगी ताकि छात्र अपनी कमजोरियों को दूर कर सकें।

बढ़ेगी जवाबदेही
नई व्यवस्था लागू होने से केवल छात्रों ही नहीं, बल्कि शिक्षकों और अभिभावकों की भी जवाबदेही तय होगी। एक अखबार से बातचीत में शिक्षा विभाग के सचिव कृष्णा कुणाल ने कहा कि समय-समय पर छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों की अकाउंटेबिलिटी सुनिश्चित की जाएगी।

उन्होंने स्पष्ट किया कि: अभिभावकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि बच्चा नियमित पढ़ाई कर रहा है। यदि छात्र पढ़ाई में पिछड़ता है तो शिक्षकों की भी जवाबदेही तय होगी। पढ़ाई की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी।

क्या होगा असर?
शिक्षा विभाग का मानना है कि इस फैसले से:
बच्चों की पढ़ाई के प्रति गंभीरता बढ़ेगी
बुनियादी शिक्षा मजबूत होगी
आगे की कक्षाओं में प्रदर्शन बेहतर होगा
शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार आएगा

राज्य सरकार का यह कदम शिक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है। अब देखना होगा कि इसका ज़मीनी स्तर पर कितना प्रभाव पड़ता है।
 


Content Editor

Kuldeep Kundara

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