महिला दिवस पर झालावाड़ में अस्मिता लीग खेल प्रतियोगिता: 100, 200 और 400 मीटर दौड़ में बालिकाओं ने दिखाई प्रतिभा

Sunday, Mar 08, 2026-06:23 PM (IST)

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर राजस्थान के झालावाड़ जिले में खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से अस्मिता लीग खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। यह प्रतियोगिता रविवार को खेल संकुल, झालावाड़ में आयोजित हुई, जिसमें बड़ी संख्या में बालिकाओं और महिलाओं ने उत्साह के साथ भाग लिया।

इस प्रतियोगिता का आयोजन स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) और माय भारत झालावाड़ के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं को खेलों के प्रति जागरूक करना और उनकी प्रतिभा को मंच प्रदान करना था।

तीन आयु वर्गों में हुई प्रतियोगिता

इस खेल प्रतियोगिता में प्रतिभागियों को तीन अलग-अलग आयु वर्गों में शामिल किया गया।

  • 0 से 13 वर्ष

  • 13 से 18 वर्ष

  • 18 वर्ष से अधिक

इन तीनों वर्गों में 100 मीटर, 200 मीटर और 400 मीटर दौड़ की एथलेटिक्स स्पर्धाएं आयोजित की गईं।

प्रतियोगिता के दौरान बालिकाओं ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपनी खेल प्रतिभा का परिचय दिया। पूरे आयोजन के दौरान खेल मैदान में उत्साह और ऊर्जा का माहौल बना रहा।

अतिथियों ने किया शुभारंभ

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला खेल अधिकारी कृपा शंकर शर्मा रहे।

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथियों के रूप में

  • गवर्नमेंट गर्ल्स कॉलेज की प्राचार्य एवं एनएसएस जिला संयोजक डॉ. चारूलता तिवारी

  • उप जिला शिक्षा अधिकारी (शारीरिक शिक्षा) जयपाल यादव

  • जिला युवा अधिकारी दिनेश जांगिड़

मौजूद रहे।

अतिथियों ने हरी झंडी दिखाकर प्रतियोगिता का औपचारिक शुभारंभ किया और प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाया।

विजेताओं को किया सम्मानित

प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र और पदक प्रदान कर सम्मानित किया गया

प्रतियोगिता के प्रमुख परिणाम इस प्रकार रहे:

  • 100 मीटर दौड़: सोनिया मीणा ने प्रथम स्थान प्राप्त किया

  • 200 मीटर दौड़: रानू भील विजेता रहीं

  • 400 मीटर दौड़: सोनिया ने पहला स्थान हासिल किया

विजेताओं को मंच पर सम्मानित किया गया, जिससे अन्य प्रतिभागियों का भी उत्साह बढ़ा।

खेलों का महत्व बताया

इस अवसर पर मुख्य अतिथि कृपा शंकर शर्मा ने कहा कि खेल केवल शारीरिक गतिविधि ही नहीं बल्कि मानसिक विकास और अनुशासन का भी महत्वपूर्ण माध्यम है।

उन्होंने युवाओं और विशेष रूप से बालिकाओं को नियमित रूप से खेल गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया।

आत्मविश्वास बढ़ाते हैं खेल

कार्यक्रम में डॉ. चारूलता तिवारी ने कहा कि खेलों में भाग लेने से विद्यार्थियों का आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और टीमवर्क विकसित होता है।

उन्होंने छात्राओं को पढ़ाई के साथ-साथ खेलों में भी सक्रिय रहने के लिए प्रोत्साहित किया।

योजनाओं की दी जानकारी

जिला युवा अधिकारी दिनेश जांगिड़ ने इस अवसर पर माय भारत और खेलो इंडिया की विभिन्न योजनाओं के बारे में जानकारी दी।

उन्होंने युवाओं से इन योजनाओं का लाभ उठाने और खेल गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की।

बड़ी संख्या में रहे मौजूद

इस आयोजन में कई खेल प्रशिक्षक, स्वयंसेवक और खेल प्रेमी भी मौजूद रहे।

कार्यक्रम में

  • एपीएस हरि वल्लभ रेगर

  • पीसीए विशाल चौधरी

  • पंकज सैन

  • मनीष सैन

  • दुर्गेश सैन

  • विनोद कुमार

  • गायत्री

  • सुनीता

  • महेश

  • राजेंद्र

  • प्रदीप

सहित बड़ी संख्या में छात्राएं और खेल प्रेमी उपस्थित रहे।

महिला सशक्तिकरण का संदेश

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित यह प्रतियोगिता केवल खेल आयोजन नहीं बल्कि महिला सशक्तिकरण का प्रतीक भी रही।

इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि यदि अवसर और मंच मिले तो महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकती हैं।


Content Editor

Payal Choudhary

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