युवा शक्ति ही राष्ट्र निर्माण की सबसे बड़ी ऊर्जा – विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी
Monday, Jan 12, 2026-02:23 PM (IST)
जयपुर। राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने प्रदेश एवं देश के युवाओं को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि युवा शक्ति किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी पूंजी होती है। युवाओं की ऊर्जा, रचनात्मक सोच और दृढ़ संकल्प के बल पर ही भारत एक सशक्त, आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि जब युवा सही दिशा में आगे बढ़ते हैं, तो समाज और राष्ट्र दोनों का भविष्य उज्ज्वल होता है।
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि स्वामी विवेकानंद जी के विचार आज भी युवाओं के लिए मार्गदर्शक और प्रेरणास्रोत हैं। स्वामी विवेकानंद ने युवाओं को आत्मविश्वास, चरित्र निर्माण, सेवा भाव और राष्ट्रभक्ति का जो संदेश दिया, वह आज के समय में और भी प्रासंगिक हो गया है। उनका जीवन इस बात का उदाहरण है कि यदि संकल्प मजबूत हो, तो सीमित संसाधनों के बावजूद भी असाधारण उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं।
देवनानी ने कहा कि राष्ट्रीय युवा दिवस केवल एक तिथि नहीं, बल्कि युवाओं को उनकी जिम्मेदारियों का बोध कराने का अवसर है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि युवा केवल भविष्य के कर्णधार नहीं, बल्कि वर्तमान के भी निर्माता हैं। आज का युवा जिस दिशा में कदम बढ़ाता है, वही दिशा आने वाले भारत की तस्वीर तय करती है।
उन्होंने कहा कि आज का भारतीय युवा शिक्षा, विज्ञान, तकनीक, खेल, स्टार्टअप, उद्यमिता और नवाचार के क्षेत्र में लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। स्टार्टअप इंडिया, डिजिटल इंडिया और आत्मनिर्भर भारत जैसे अभियानों में युवाओं की सक्रिय भागीदारी भारत के उज्ज्वल भविष्य का संकेत है। वैश्विक मंच पर भारतीय युवाओं की प्रतिभा और क्षमता की सराहना हो रही है, जो देश के लिए गर्व की बात है।
विधानसभा अध्यक्ष ने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपनी ऊर्जा को सकारात्मक और रचनात्मक दिशा में लगाएं। अनुशासन, परिश्रम और नैतिक मूल्यों को जीवन का आधार बनाते हुए समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान में भी योगदान दें। उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता, राष्ट्रीय एकता और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
अंत में देवनानी ने विश्वास जताया कि यदि युवा स्वामी विवेकानंद के आदर्शों को आत्मसात कर राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखें, तो भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का सपना अवश्य साकार होगा।
