गुणवत्ता और कौशल विकास से ही मजबूत होगा उद्योग: QCFI राष्ट्रीय अध्यक्ष अविनाश मिश्रा
Wednesday, Jan 28, 2026-05:12 PM (IST)
जयपुर: जयपुर में क्वालिटी सर्कल फोरम ऑफ इंडिया (QCFI) के जयपुर सब-चेप्टर की ओर से बुधवार को एक दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें गुणवत्ता, उत्कृष्टता, सतत सुधार और कौशल विकास जैसे अहम विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस कार्यक्रम का उद्देश्य उद्योगों और संगठनों में गुणवत्ता आधारित सोच को बढ़ावा देना और कौशल विकास के महत्व को रेखांकित करना था।
कार्यक्रम की शुरुआत जयपुर सब-चेप्टर के अध्यक्ष मनोज मेश्राम ने सभी अतिथियों एवं सदस्यों के स्वागत से की। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन उद्योग, शिक्षा और समाज के बीच गुणवत्ता को लेकर सकारात्मक संवाद स्थापित करने में सहायक होते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि जयपुर सब-चेप्टर की यह पहली बैठक है, लेकिन सदस्यों में उत्साह और भागीदारी देखकर स्पष्ट है कि आने वाले समय में यह चैप्टर गुणवत्ता आंदोलन को नई दिशा देगा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए QCFI के राष्ट्रीय अध्यक्ष अविनाश मिश्रा ने कहा कि गुणवत्ता और कौशल विकास ही किसी भी उद्योग को मजबूत और प्रतिस्पर्धी बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि आज के वैश्विक प्रतिस्पर्धा वाले दौर में केवल उत्पादन बढ़ाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि गुणवत्ता को प्राथमिकता देना अनिवार्य हो गया है। गुणवत्ता एक निरंतर प्रक्रिया है, जिसे संगठन के हर स्तर पर अपनाना चाहिए, तभी दीर्घकालिक सफलता संभव है।
QCFI के नॉर्थ रीजन डायरेक्टर अविनाश उपाध्याय ने सदस्यता विस्तार के साथ-साथ क्वालिटी एंगेजमेंट पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि केवल संख्या बढ़ाना ही उद्देश्य नहीं होना चाहिए, बल्कि सक्रिय भागीदारी और गुणवत्ता से जुड़े कार्यों में वास्तविक योगदान ज्यादा महत्वपूर्ण है।
राजसमंद चैप्टर के चेयरपर्सन डॉ. नरेंद्र कुमार शर्मा ने कहा कि QCFI को औद्योगिक क्षेत्र के साथ-साथ सामाजिक क्षेत्र में भी अपनी भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता का लाभ बड़े उद्योगों के साथ-साथ लघु और मध्यम उद्योगों तक पहुंचना चाहिए, जिससे समग्र विकास संभव हो सके।
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया संबोधन का भी उल्लेख किया गया, जिसमें उन्होंने गुणवत्ता और कौशल विकास को भारत की वैश्विक मजबूती का आधार बताया है। इस अवसर पर राजस्थान विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ. राजीव जैन, प्रो. राजेश सोलंकी सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। कार्यक्रम के समापन पर प्रतिभागियों ने इसे प्रेरणादायक बताते हुए भविष्य में भी ऐसे आयोजनों की निरंतरता की आवश्यकता जताई।
