कला मर्मज्ञ के.सी. मालू नई दिल्ली में राजस्थान संस्था संघ अवॉर्ड से सम्मानित

Thursday, Apr 02, 2026-05:45 PM (IST)

जयपुर। कला मर्मज्ञ के.सी. मालू नई दिल्ली में राजस्थान स्थापना दिवस पर आयोजित समारोह में राजस्थान संस्था संघ अवार्ड से सम्मानित किए गए। उन्हें समारोह के मुख्य अतिथि वन नेशन वन इलेक्शन संसदीय संयुक्त समिति के अध्यक्ष पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री और पाली राजस्थान से सांसद पी.पी. चौधरी, विशिष्ट अतिथि सांसद जयप्रकाश निषाद, राजस्थान संस्था संघ के अध्यक्ष नवरत्न अग्रवाल और वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. गौरव गुप्ता ने शाल ओढ़ा कर और स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया।

 

राजस्‍थानी संगीत को देश-दुनिया में विख्‍यात किया
मालू को यह अवॉर्ड बिना किसी सरकारी मदद अपने बलबूते पर राजस्‍थानी संगीत को देश-दुनिया में विख्‍यात करने में अभूतपूर्व भूमिका निभाने के साथ ही अनेक राजस्‍थानी लोक कलाकारों को राष्‍ट्रीय और अंतर्राष्‍ट्रीय मंचों पर उभारने तथा रोजगार दिलाने में महत्‍त्‍वपूर्ण योगदान के लिए दिया गया है। 

 

कई पुरस्कारों से सम्मानित हो चुके हैं मालू
राजस्थान ही नहीं भारत के संस्‍कृति शिखर पुरूष माने जाने वाले मालू के योगदान को रेखांकित करते हुए पूर्व में राजस्‍थान सरकार ने भी उन्‍हें राजस्‍थान रत्‍न अलंकरण से विभूषित किया है। इसके अलावा मालू को अनेक राज्‍यस्‍तरीय, राष्‍ट्रीय और अन्‍तर्राष्‍ट्रीय पुरस्‍कार भी मिले हैं। मालू ने संगीतकार नौशाद के साथ मिल कर देश के जाने-माने कलाकारों के साथ राजस्‍थानी लोक संगीत को शिखर पर पहुँचाने का उल्‍लेखनीय कार्य किया है। 

 

संगीत का एक बेजोड़ संसार सृजित किया
मालू को स्‍वदेशी संगीत को समर्पित श्रेष्‍ठ संस्‍था सुर-संगम और राजस्‍थान लोक संगीत की प्रतिष्ठित वीणा म्‍यूजिक समूह की स्‍थापना कराने का श्रेय भी है। खास बात यह है कि उन्होंने बिना किसी सरकारी मदद लिए अपने बलबूते पर संगीत का एक बेजोड़ संसार सृजित किया है।

 

विवाह गीतों का सबसे बड़ा संकलन किया
मालू द्वारा रचित 221 राजस्‍थान विवाह गीतों के दो ग्रन्‍थ जिसमें तीन भाषाओं हिन्दी अंग्रेजी और राजस्थानी भाषाओं का सचित्र उपयोग किया गया है, जो  विश्‍वभर में विवाह गीतों का सबसे बड़ा संकलन है। साथ ही इसकी 24 ऑडियो वीडियो सीडीज भी जारी की गई है। मालू ने अपनी जन्‍म भूमि राजस्थान के चूरू जिले के सुजानगढ़ में सुक्षेम महोत्‍सव का भव्य आयोजन कर सुजानगढ़ में जन्‍मे विख्‍यात संगीतकारों और कलाकारों को पहली बार अपने लोगों से रूबरू कराया।

 

जन्‍म भूमि के प्रति ऋण चुकाने के कार्य में जुटे
राजस्‍थानी संगीत एवं लोक कलाओं की सेवा करने के साथ ही मालू अपने पैतृक गांव सुजानगढ़ में 250 करोड़ रुपये की लागत से 300 पलंगों का एक अस्‍पताल बनाने में भी अहम भूमिका निभाते हुए अपनी जन्‍म भूमि के प्रति ऋण चुकाने के कार्य में जुटे हुए हैं।

 

ये हस्तियां भी हुई सम्मानित
समारोह में विख्यात चिकित्सक डॉ. एस.के. सरीन को चिकित्सा, राजस्थान के स्वच्छता ब्राण्ड एम्बेसेडर के.के. गुप्ता को समाज सेवा और स्वच्छता, जाने माने उद्यमी नरसी कुलरिया को उद्योग-व्यवसाय, सुप्रसिद्ध गजल गायक डॉ. प्रेम भण्डारी को संगीत, विख्यात फोटो पत्रकार पुरूषोत्तम दिवाकर को मीडिया, साहित्यकार भरत चंद्र शर्मा को साहित्य, राजस्थान के मुख्यमंत्री के विशेषाधिकारी गोविन्द पारीक को जनसंपर्क और राजस्थान की एशिया में पहली स्वर्ण विजेता अश्विनी विश्नोई को खेलकूद के क्षेत्र में अवार्ड दिए गए।

 


Content Editor

Anil Jangid

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