भाजपा सरकार के ''इंतजारशास्त्र'' की भेंट चढ़ रहा राजस्थान का भविष्य: अशोक गहलोत
Tuesday, Mar 24, 2026-05:13 PM (IST)
जयपुर: राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य में भाजपा सरकार की कार्यशैली पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि राज्य में दिसंबर 2023 से 'इंतजारशास्त्र' की एक अजीब परंपरा शुरू हो गई है, जिसमें महत्वपूर्ण जनहितकारी प्रोजेक्ट्स को जानबूझकर रोकने का प्रयास किया जा रहा है। गहलोत ने कहा कि यह रवैया न केवल जनता के अधिकारों के साथ खिलवाड़ कर रहा है, बल्कि यह कई प्रोजेक्ट्स की लागत को भी बढ़ा रहा है।
गहलोत ने विशेष रूप से जयपुर के जेएलएन मार्ग पर स्थित महात्मा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ गवर्नेंस एंड सोशल साइंसेज का उदाहरण दिया। इस संस्थान की भव्य इमारत 2024 में तैयार हो गई थी, लेकिन भाजपा सरकार इसे क्रियाशील (Functional) करने से बच रही है। गहलोत ने सोशल मीडिया पर इस संस्थान का वीडियो साझा करते हुए सवाल उठाया, "क्या यह संस्थान केवल महात्मा गांधी जी के नाम से जुड़ा होने के कारण शुरू नहीं किया जा रहा है?" उनका यह आरोप राज्य सरकार पर राजनीति करने का था, जो न केवल शिक्षा के क्षेत्र में विकास को रोक रहा है बल्कि लाखों युवाओं के भविष्य के साथ भी अन्याय कर रहा है।
यह संस्थान ₹233 करोड़ के बजट से अक्टूबर 2022 में स्थापित किया गया था और इसका उद्देश्य राज्य के युवाओं को सुशासन और सामाजिक विज्ञान में उच्च स्तर की शिक्षा और शोध का अवसर प्रदान करना था। यह संस्थान टीआईएसएस (TISS) और पुणे के एमआईटी (MIT) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के मॉडल पर आधारित था और इसे स्वायत्त (Autonomous) संस्थान का दर्जा दिया गया था ताकि यह राजनीतिक हस्तक्षेप से मुक्त रहे।
गहलोत ने सरकार से अपील की है कि वह संकीर्ण राजनीति से ऊपर उठकर इस संस्थान को जल्द शुरू करे। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ऐसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स को राजनीतिक द्वेष के कारण रोका गया तो राजस्थान की जनता इसका जवाब जरूर देगी। उनका यह बयान यह दर्शाता है कि भाजपा सरकार का राजनीतिक दृष्टिकोण जनता और विकास के हित में नहीं है, और इसके परिणाम स्वरूप राज्य का भविष्य खतरे में पड़ सकता है।
