श्रीगंगानगर में संदिग्ध मौत से हड़कंप: रेबीज की आशंका, 10 दिन पहले पालतू कुत्ते की हुई थी मौत

Thursday, Mar 26, 2026-05:05 PM (IST)

अस्पताल में संदिग्ध मौत से मचा हड़कंप

श्रीगंगानगर के राजकीय जिला चिकित्सालय में बुधवार को एक व्यक्ति की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद हड़कंप मच गया। मृतक की पहचान श्रीविजयनगर क्षेत्र के चक 40 जीबी निवासी लखविंद्र सिंह (50) के रूप में हुई है।

परिजनों ने आशंका जताई है कि उन्हें रेबीज जैसी बीमारी के लक्षण थे, जिसके बाद अस्पताल प्रशासन सतर्क हो गया।

10 दिन पहले पालतू कुत्ते की हुई थी मौत

जानकारी के अनुसार लखविंद्र सिंह के पालतू कुत्ते की करीब 10 दिन पहले मौत हो गई थी। इसके बाद उनकी तबीयत लगातार बिगड़ने लगी।

बुधवार को गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल लाया गया, जहां इमरजेंसी कक्ष में उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।

संपर्क में आए लोगों को लगाए गए इंजेक्शन

मामले की जानकारी मिलते ही अस्पताल प्रशासन अलर्ट हो गया। पीएमओ डॉ. सुखपाल सिंह बराड़ के नेतृत्व में डॉक्टरों की टीम मौके पर पहुंची।

एहतियात के तौर पर:

  • इमरजेंसी कक्ष की हाइपो से सफाई करवाई गई
  • मरीज के संपर्क में आए बेड और स्ट्रेचर हटाए गए
  • करीब आधा दर्जन लोगों को एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगाए गए

पीएमओ ने बताए संदिग्ध लक्षण

पीएमओ के अनुसार मरीज में मुंह से झाग आने जैसे लक्षण दिखाई दिए, जो रेबीज से जुड़े हो सकते हैं।

हालांकि मौत के वास्तविक कारण की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही होगी। फिलहाल शव को मोर्चरी में रखवाया गया है।

क्या हैं रेबीज के लक्षण

रेबीज एक खतरनाक वायरल बीमारी है, जिसमें निम्न लक्षण दिखाई दे सकते हैं:

  • बुखार और सिरदर्द
  • उल्टी और जी मिचलाना
  • घबराहट, चिंता और भ्रम
  • निगलने में कठिनाई
  • अत्यधिक लार आना
  • नींद की कमी और डरावने सपने

बचाव के लिए जरूरी सावधानियां

रेबीज से बचाव के लिए विशेषज्ञों ने कुछ महत्वपूर्ण उपाय बताए हैं:

  • पालतू जानवरों का नियमित टीकाकरण करवाएं
  • जंगली या संदिग्ध जानवरों से दूरी बनाए रखें
  • काटने या संपर्क में आने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें
  • जोखिम वाले क्षेत्रों में यात्रा से पहले वैक्सीन की जानकारी लें

स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

इस घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग भी सतर्क हो गया है। यदि यह मामला रेबीज से जुड़ा पाया जाता है, तो क्षेत्र में विशेष सतर्कता और जागरूकता अभियान चलाया जा सकता है।


Content Editor

LUCKY SHARMA

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