पंचायत पुनर्गठन के बाद गांवों में तेज हुई राजनीति, पंचायत चुनाव को लेकर सजी चुनावी चौसर
Sunday, Jan 04, 2026-05:18 PM (IST)
सवाई माधोपुर। राजस्थान में पंचायतों के पुनर्गठन और नवसृजन के बाद ग्रामीण इलाकों में सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। सवाई माधोपुर जिले सहित प्रदेश के कई हिस्सों में पंचायतराज चुनाव को लेकर माहौल गर्माने लगा है। जिला परिषद और पंचायत समितियों के वार्डों के पुनर्सीमांकन का प्रारूप जारी होने के साथ ही संभावित उम्मीदवार सक्रिय हो गए हैं।
सवाई माधोपुर जिला परिषद में वर्ष 2021 में जहां 25 सीटें थीं, वहीं अब इनकी संख्या बढ़ाकर 31 कर दी गई है। इससे ग्रामीण राजनीति में नए चेहरों के आगे आने के अवसर भी बढ़े हैं। जिले की आठ पंचायत समितियों में कुल 160 वार्ड गठित किए गए हैं, जिसके बाद गांव-गांव में राजनीतिक हलचल देखने को मिल रही है।
अपर जिला कलक्टर संजय शर्मा ने बताया कि जिला परिषद और पंचायत समितियों के वार्डों का प्रारूप आमजन के अवलोकन के लिए संबंधित कार्यालयों में उपलब्ध है। मतदाता 5 जनवरी तक अपनी आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं, जिसके बाद अंतिम प्रकाशन किया जाएगा।
हालांकि अभी पंचायत चुनाव की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है और आरक्षण लॉटरी भी बाकी है, इसके बावजूद संभावित उम्मीदवार तैयारियों में जुट गए हैं। नववर्ष और मकर संक्रांति के मौके पर होर्डिंग, बैनर और सामाजिक आयोजनों के जरिए दावेदार अपनी मौजूदगी दर्ज करा रहे हैं।
वार्डों का निर्धारण जनसंख्या के आधार पर किया गया है ताकि सभी वर्गों को प्रतिनिधित्व मिल सके। आरक्षण लॉटरी के बाद कई नेताओं के निर्वाचन क्षेत्र बदलने या चुनावी दौड़ से बाहर होने की संभावना भी जताई जा रही है।
