रणथंभौर में प्रदेश का पहला टाइगर रिजर्व वेटेनरी हॉस्पिटल तैयार; उपचार समेत ये प्रक्रिया तेज
Wednesday, Mar 18, 2026-07:04 PM (IST)
सवाई माधोपुर: सवाई माधोपुर स्थित रणथंभौर टाइगर रिजर्व ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। प्रदेश के इस प्रमुख टाइगर रिजर्व में अब प्रदेश का पहला टाइगर रिजर्व वेटेनरी हॉस्पिटल तैयार हो गया है, जिससे बाघों सहित अन्य वन्यजीवों के इलाज की प्रक्रिया में बड़ा सुधार होगा। इस अस्पताल में वन्यजीवों को विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।
रणथंभौर अपने स्वच्छंद विचरण करते बाघों और अन्य वन्यजीवों के लिए देश-विदेश में प्रसिद्ध है, और यहां पर्यटकों की भारी संख्या सालभर बनी रहती है। पहले, वन्यजीवों का इलाज सीमित संसाधनों और एक वेटेनरी डॉक्टर पर निर्भर था, लेकिन अब यह नया अस्पताल उपचार की सुविधाओं को बेहतर और तेज करेगा।
वन विभाग के अनुसार, इस अस्पताल का निर्माण जोन नंबर-6 में राजबाग वन चौकी के पास किया गया है, और इसका निर्माण एनटीसीए और वेटेनरी काउंसिल ऑफ इंडिया के प्रोटोकॉल के तहत किया गया है। अस्पताल में एक अत्याधुनिक लैब भी स्थापित की जाएगी, जिससे वन्यजीवों के सैंपल्स की जांच और फोरेंसिक परीक्षण 24 घंटे के भीतर किए जा सकेंगे। इससे पहले, इन सैंपल्स को जांच के लिए इंडियन वेटेनरी रिसर्च इंस्टीट्यूट भेजा जाता था, और रिपोर्ट आने में महीनों लग जाते थे।
रणथंभौर के डीएफओ मानस सिंह ने बताया कि हाल ही में राज्य सरकार ने रणथंभौर के लिए करीब साढ़े चार करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, जिससे अस्पताल को और आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। अस्पताल में बाघों और अन्य वन्यजीवों के लिए दो एनक्लोजर (बाड़े) तैयार किए गए हैं, जिससे उपचार के दौरान इन्हें आराम से रखा जा सकेगा।
अस्पताल में एक्स-रे मशीन, ट्रीटमेंट यूनिट, पोस्टमार्टम कक्ष और सभी आवश्यक वेटेनरी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसके शुरू होने से बाघ, तेंदुआ, भालू सहित सभी छोटे-बड़े वन्यजीवों का बेहतर और त्वरित इलाज संभव होगा।
वन विभाग का मानना है कि यह वेटेनरी हॉस्पिटल रणथंभौर के वन्यजीव संरक्षण के लिए एक महत्वपूर्ण कदम होगा, खासकर उन मामलों में जहां बाघ आपसी संघर्ष या गंभीर बीमारियों का शिकार होते हैं।
