यमुना जल समझौते से रिफाइनरी तक: CM भजनलाल शर्मा के 6 बड़े फैसले, जिन्होंने बदली राजस्थान की राजनीति और विकास की तस्वीर
Thursday, Jul 16, 2026-05:39 PM (IST)
जयपुर। राजस्थान की भजनलाल सरकार अपने ढाई साल के कार्यकाल में कई ऐसे फैसले किए हैं जिन्होंने राजस्थान की राजनीति को हमेशा के लिए बदल दिया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ऐसी सियासी लकीर खींची है जो हमेशा याद रखी जाएगी। इन फैसलों के जरिए न केवल वर्षों पुराने विवादों का समाधान हुआ बल्कि राजस्थान में नई जल क्रांति और नई औद्योगिक क्रांति की नींव भी पड़ी है। इन निर्णयों से लोगों के जीवन में बड़े बदलाव की शुरुआत हुई है। भजनलाल शर्मा के ये फैसले राजस्थान के इतिहास में हमेशा याद रखे जाएंगे। इस फैसलो का असर प्रदेश की राजनीति और विकास दोनों पर देखने को मिल रहा है। 32 साल पुराने यमुना जल समझौते को लागू कराने से लेकर राम जल सेतु लिंक परियोजना, एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी, पेपर लीक माफिया पर कार्रवाई, रिकॉर्ड निवेश और सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने जैसे निर्णय को राजस्थान के भविष्य की नींव साबित होंगे।
32 साल पुराना यमुना जल समझौता लागू, राजस्थान को मिलेगा 577 एमसीएम पानी
29 जून 2026 को राजस्थान और हरियाणा के बीच 32 साल पुराने यमुना जल समझौते को लागू करने के लिए ऐतिहासिक एमओए पर हस्ताक्षर किए गए। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में दोनों राज्यों के बीच समझौता हुआ। सरकार का दावा है कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के लगातार प्रयासों से तीन दशक से अधिक समय से लंबित यह मामला सुलझ सका।
इस समझौते के तहत राजस्थान को करीब 577 मिलियन क्यूबिक मीटर (एमसीएम) पानी मिलेगा। इसके लिए लगभग 295 किलोमीटर लंबी भूमिगत पाइपलाइन बिछाई जाएगी, जिस पर करीब 34,102 करोड़ रुपए खर्च होंगे। सरकार का कहना है कि इस परियोजना से शेखावाटी सहित जल संकट से जूझ रहे इलाकों को बड़ी राहत मिलेगी।
राम जल सेतु परियोजना से 17 जिलों के 3 करोड़ लोगों तक पहुंचेगा पानी
पूर्वी राजस्थान की महत्वाकांक्षी ईआरसीपी परियोजना को नया स्वरूप देते हुए सरकार ने इसे राम जल सेतु लिंक परियोजना के रूप में आगे बढ़ाया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस परियोजना को प्रदेश की सबसे महत्वपूर्ण जल योजनाओं में शामिल किया है। करीब 91,700 करोड़ रुपए की लागत वाली इस परियोजना से 17 जिलों के करीब 3 करोड़ लोगों को पेयजल उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही लगभग 4 लाख 84 हजार हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई का लाभ मिलने की उम्मीद है। सरकार का दावा है कि इससे पूर्वी राजस्थान में जल संकट दूर होगा और कृषि के साथ औद्योगिक विकास को भी गति मिलेगी।
पचपदरा रिफाइनरी से पश्चिमी राजस्थान बनेगा पेट्रोकेमिकल हब
4 जुलाई 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बालोतरा जिले के पचपदरा स्थित एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी एवं पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन किया। करीब 79,459 करोड़ रुपए की लागत वाली इस परियोजना को प्रदेश के औद्योगिक विकास की सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल किया जा रहा है। सरकार का कहना है कि रिफाइनरी शुरू होने से पश्चिमी राजस्थान पेट्रोकेमिकल उद्योग का बड़ा केंद्र बनेगा। इससे पेट्रोकेमिकल, प्लास्टिक, कपड़ा और रासायनिक उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लाखों युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे और राज्य के राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी।
पेपर लीक माफिया पर सख्ती, 527 से ज्यादा आरोपियों की गिरफ्तारी
भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता लाने के लिए सरकार ने पेपर लीक के मामलों में सख्त कार्रवाई का उनके नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया है। जांच के लिए स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) को जिम्मेदारी दी गई। सरकार के अनुसार, पिछली सरकार के दौरान हुए पेपर लीक मामलों में अब तक 527 से अधिक आरोपियों और माफियाओं को गिरफ्तार किया जा चुका है। इसके अलावा नकल और पेपर लीक रोकने के लिए सख्त कानून लागू किया गया है और एंटी गैंग टास्क फोर्स का गठन भी किया गया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा कई बार कह चुके हैं कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
निवेश के मामले में राजस्थान की बड़ी छलांग
सरकार का दावा है कि राजस्थान निवेशकों की पहली पसंद बनकर उभरा है। ‘राइजिंग राजस्थान’ ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के दौरान राज्य को 35 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। सरकार के मुताबिक निवेश के मामले में राजस्थान देश में आठवें स्थान से तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। राज्य सरकार ने अगले पांच वर्षों में राजस्थान को 350 बिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य तय किया है। इसी दिशा में राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना (RIPS-2024) लागू की गई है, ताकि निवेशकों को बेहतर माहौल और उद्योगों को प्रोत्साहन मिल सके।
सौर ऊर्जा में भी सरकार का बड़ा फोकस
राजस्थान पहले से ही देश के अग्रणी सौर ऊर्जा उत्पादक राज्यों में शामिल है। सरकार ने 150 यूनिट प्रतिमाह निःशुल्क बिजली योजना के तहत रूफटॉप सोलर संयंत्र लगाने वाले उपभोक्ताओं के खातों में 17 हजार रुपए की राज्य सब्सिडी देना शुरू किया है। सरकार का कहना है कि इससे स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन बढ़ेगा, बिजली खर्च कम होगा और प्रदेश ऊर्जा के क्षेत्र में और मजबूत होगा।
इन फैसलों से बदलेगी राजस्थान की तस्वीर
मुख्यमंत्री का कहना है कि जल प्रबंधन, औद्योगिक विकास, निवेश, ऊर्जा और रोजगार से जुड़े इन फैसलों ने राजस्थान के विकास की नई आधारशिला रखी है। सरकार इन्हें ऐसे निर्णय मान रही है, जिनका असर आने वाले वर्षों में प्रदेश की अर्थव्यवस्था और आम लोगों के जीवन पर दिखाई देगा।
