राजस्थान विश्वविद्यालय की अंतर महाविद्यालय शतरंज प्रतियोगिता के पर्यवेक्षक नियुक्त हुए विक्रम सिंह

Monday, Sep 28, 2026-04:02 PM (IST)

जयपुर। राजस्थान विश्वविद्यालय की अंतर महाविद्यालय शतरंज प्रतियोगिता के लिए इंटरनेशनल रेटेड खिलाड़ी विक्रम सिंह को पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है। विश्वविद्यालय की ओर से आयोजित होने वाली शतरंज प्रतियोगिता में पुरुष और महिला दोनों वर्गों के मुकाबले होंगे। प्रतियोगिता का आयोजन 28 और 29 सितंबर 2026 को यूनिवर्सिटी लॉ कॉलेज, जयपुर में किया जाएगा। प्रतियोगिता में राजस्थान विश्वविद्यालय से संबद्ध विभिन्न महाविद्यालयों के खिलाड़ी हिस्सा लेंगे।

 

विक्रम सिंह को शतरंज के क्षेत्र में लंबे अनुभव और उपलब्धियों के लिए जाना जाता है। वह वर्ल्ड चेस फेडरेशन से मान्यता प्राप्त अर्बिटर और कोच भी हैं। शतरंज प्रतियोगिताओं के संचालन, खिलाड़ियों के मार्गदर्शन और खेल के नियमों की जानकारी के चलते उन्हें इस महत्वपूर्ण प्रतियोगिता के लिए पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी दी गई है।

 

प्रतियोगिता के दौरान पुरुष और महिला वर्ग के खिलाड़ियों के मुकाबलों पर निगरानी रखने के साथ-साथ खेल संचालन से जुड़े विभिन्न पहलुओं में भी उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी। विश्वविद्यालय स्तर पर आयोजित होने वाली इस प्रतियोगिता को युवा शतरंज खिलाड़ियों के लिए अपनी प्रतिभा दिखाने का महत्वपूर्ण मंच माना जा रहा है।

 

विक्रम सिंह की शतरंज यात्रा भी उपलब्धियों से भरी रही है। वर्ष 1990 में जयपुर में आयोजित एक Simultaneous Chess Match के दौरान उन्होंने उस समय के शीर्ष शतरंज खिलाड़ियों में शामिल पांच बार के विश्व चैंपियन ग्रैंडमास्टर विश्वनाथन आनंद को हराया था। यह मुकाबला उनके खेल करियर की उल्लेखनीय उपलब्धियों में शामिल है। विश्वनाथन आनंद भारतीय शतरंज के सबसे प्रमुख खिलाड़ियों में रहे हैं और उनके खिलाफ मिली जीत ने विक्रम सिंह की खेल क्षमता को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई।

 

इसके अलावा वर्ष 1994 में नासिक में आयोजित ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी शतरंज प्रतियोगिता में भी विक्रम सिंह ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उनके नेतृत्व में राजस्थान विश्वविद्यालय की टीम ने प्रतियोगिता में विजेता बनने का गौरव हासिल किया था। विश्वविद्यालय स्तर की इस उपलब्धि ने राजस्थान विश्वविद्यालय के शतरंज इतिहास में भी एक महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ा।

 

अब एक बार फिर राजस्थान विश्वविद्यालय की अंतर महाविद्यालय शतरंज प्रतियोगिता में उन्हें पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी मिलने से खिलाड़ियों और आयोजकों को उनके अनुभव का लाभ मिलेगा। 28 और 29 सितंबर को होने वाली प्रतियोगिता में पुरुष और महिला वर्ग के खिलाड़ी अपनी शतरंज प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।

 

प्रतियोगिता के माध्यम से विश्वविद्यालय से जुड़े महाविद्यालयों के खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धात्मक माहौल में अपनी क्षमता परखने का अवसर मिलेगा। साथ ही बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों के लिए आगे विश्वविद्यालय और उच्च स्तर की प्रतियोगिताओं में प्रतिनिधित्व करने के अवसर भी बन सकते हैं।

 

विक्रम सिंह की नियुक्ति को शतरंज प्रतियोगिता के सुचारु और नियमबद्ध संचालन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। FIDE से मान्यता प्राप्त अर्बिटर और कोच के रूप में उनके अनुभव से प्रतियोगिता में खेल के नियमों और तकनीकी पहलुओं का बेहतर पालन सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।


Content Editor

Anil Jangid

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