बाड़मेर के बाखासर रण में सजेगा वाणी उत्सव, संगीत और संस्कृति से बढ़ेगा पर्यटन

Friday, Mar 27, 2026-07:47 PM (IST)

बाड़मेर: राजस्थान के बाड़मेर जिले के सरहदी इलाके बाखासर रण में अब सिर्फ रेत का सन्नाटा ही नहीं, बल्कि संगीत और संस्कृति की मधुर गूंज भी सुनाई देगी। यहां आयोजित होने जा रहा तीन दिवसीय “वाणी उत्सव” इस क्षेत्र को नई पहचान देने के साथ-साथ पर्यटन को भी नई रफ्तार देगा।

 

डॉ. रूमा देवी फाउंडेशन की ओर से आयोजित इस उत्सव की शुरुआत बाखासर रण से होगी। कार्यक्रम में पारंपरिक वीणा की सुरमयी धुनों के साथ भजन और लोक संगीत की प्रस्तुतियां होंगी, जो रेगिस्तान की शांत फिजाओं को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक रंगों से भर देंगी।

 

इस उत्सव का मुख्य आकर्षण देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले लोक कलाकार होंगे। मुरालला मारवाड़ा, केलम दरिया और कविता पोटलिया जैसे प्रसिद्ध कलाकारों सहित राजस्थान, गुजरात और मध्य प्रदेश के 40 से अधिक कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे।

 

अंतरराष्ट्रीय फैशन डिजाइनर डॉ. रूमा देवी के अनुसार, इस आयोजन का उद्देश्य केवल सांस्कृतिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं है, बल्कि बाखासर रण को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करना भी है। इस तरह के आयोजन से स्थानीय संस्कृति, कला और परंपराओं को वैश्विक मंच मिलेगा।

 

वाणी उत्सव के जरिए बाड़मेर के इस सीमावर्ती क्षेत्र को एक नई पहचान देने की कोशिश की जा रही है। इसके साथ ही भविष्य में इस इलाके को “सूखा बंदरगाह” (ड्राई पोर्ट) के रूप में विकसित करने की दिशा में भी इसे एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

 

ऐसे आयोजनों से न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। होटल, हस्तशिल्प, परिवहन और अन्य सेवाओं से जुड़े लोगों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।

 

कुल मिलाकर, वाणी उत्सव बाड़मेर के बाखासर रण को सांस्कृतिक और पर्यटन के नक्शे पर नई पहचान दिलाने की दिशा में एक अहम कदम साबित हो सकता है, जहां रेगिस्तान अब राग और रंग से सराबोर नजर आएगा।


Content Editor

Anil Jangid

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