सतीश पूनिया को अब मिली पंजाब BJP की कमान, बूथ मॉडल से 117 सीटों पर कमल खिलाने का किया दावा
Wednesday, Aug 19, 2026-01:43 PM (IST)
जयपुर। हरियाणा में कमल खिलाने के बाद अब भाजपा के वरिष्ठ नेता सतीश पूनिया को अब मिली पंजाब BJP की कमान मिली है। इसको लेकर पूनिया ने दावा किया कि बूथ मॉडल से 117 सीटों पर कमल खिलाने जा रहे हैं। इसको लेकर पूनिया ने कहा कि मैंने एक सामान्य कार्यकर्ता की तरह राजनीतिक जीवन शुरू किया था। काम करने में भरोसा था। विचारों के प्रति मैं प्रतिबद्ध था और पार्टी ने इतना बड़ी जिम्मेवारी दी है। यह मेरे लिए पद से ज्यादा भरोसा है। पार्टी का विश्वास है। मेरी कोशिश रहेगी कि इस विश्वास को मैं कामयाब करूं। गजब की यह बात सही है कि देश के कई हिस्सों में हम लोग जो भारतीय जनता पार्टी के उत्थान का समय था राजनीतिक तौर पर तो हम लोगों ने गठबंधन से अपनी राजनीतिक शुरुआत की थी और गठबंधन के धर्म को वाजपेयी के युग से बहुत अच्छे से निभाया। इसके साथ ही पंजाब में भी एक अच्छी केमिस्ट्री थी बादल साहब की वाजपेयी की और बहुत लंबा अलायंस हमारा चला।
सतीश पूनिया ने आगे कहा कि कालांतर में कुछ बातें हुई जिसके कारण अलायंस से अलग हुए। लेकिन आज भारतीय जनता पार्टी चर्चा में और विचारों में संगठनात्मक तौर पर पंजाब के हर हिस्से में है। कोशिश रहेगी कि जितनी जल्दी संगठन को दुरुस्त किया जा सके और कुछ उसमें इजाफा कर सके। राजनीतिक और रणनीतिक तौर पर भारतीय जनता पार्टी ने देश में बड़े मिथक तोड़े हैं। मैं उनको त्रिपुरा याद दिला रहा था कि जहां हमारी उससे एक पहले चुनाव पहले जीरो सीटें थी और उसके बाद हमने सीधे सरकार बनाई। पश्चिम बंगाल में हम लोगों ने एक दमदार चुनाव लड़ा। विपक्ष में हमारी बड़ी सीटें आई और उसके बाद अभी हमने सरकार बनाई।
पूनिया ने कहा कि हरियाणा के बारे में शर्तें लगाते थे कि बीजेपी के कभी सरकार नहीं बन सकती। उस प्रदेश में तीसरी बार सरकार बनाई तो भारतीय जनता पार्टी धारणा को मिथक को तोड़ने का काम करती है। इसलिए बीजेपी को पंजाब में अंडरएस्टीमेट नहीं किया जा सकता। एक अंडर करंट बीजेपी के पक्ष में और आम आदमी के खिलाफ दिखती है। एंटी इनकंबेंसी भी है। नशे को लेके, कानून व्यवस्था को लेके, वहां की आर्थिक बदहाली को लेकर। तो मैं समझता हूं कि बीजेपी एक अच्छा प्रदर्शन वहां पंजाब में करेगी। कोशिश रहेगी कि हम अपनी खूबियों के आधार पर सत्ता में आए।
पूनिया ने आगे कहा कि कुछ भविष्य के काल्पनिक प्रश्न है जिनका संबंध अलग-अलग लोगों से अलग-अलग किस्म से है और हमारी कोशिश रहेगी कि पंजाब में हम लोग अपने बूते पर सरकार बनाएं। जी जो मैंने कहा बीजेपी धारणा को तोड़ने का काम करती है और इस विश्वास का जो एक बड़ा कारण है पार्टी का संगठन और विचार तो है ही लेकिन चुनाव लड़ने की जो मैकेनिज्म बीजेपी के पास है वो दूसरे दलों के पास नहीं है। अह हम लोग स्ट्रेटजी के तौर पर प्रबंधन के तौर पर कैंपेन के तौर से दूसरे दलों से बिल्कुल अलग हैं। डिफरेंट हैं। वह चुनाव को जीतने के जितने अस्त्र-शस्त्र हैं, वह बीजेपी के पास में हम लोग पूरी कोशिश करेंगे। कि एक अच्छे कैंपेन से, अच्छी रणनीति से, अच्छे प्रबंधन से जो चीजें हमने हासिल की, हरियाणा में भी, दिल्ली में भी, बिहार में भी, पश्चिम बंगाल में भी जिन-जिन प्रदेशों में चुनाव हुए उसमें बीजेपी की टीम ने एक अच्छा टीम वर्क बीजेपी करती है। पंजाब में भरोसे का कारण यह है कि आम आदमी के खिलाफ एक इस तरीके के अंडर करंट है। पंजाब की कांग्रेस पार्टी का दृश्य यदि देखें तो वह इतना विग्रह का शिकार है।
उन्होंने कहा कि आपस में इतने उनके गुट हैं। मुझे लगता है कि उनकी नूरा कुश्ती उनको खत्म करने में तो कारगर होगी ही होगी। लेकिन जो मैंने कहा मैं बार-बार उस पर कामयाब कायम हूं कि पंजाब की जनता पंजाब की सभी कौमें पंजाब के सभी लोग पंजाब में सुख शांति चाहते हैं। पंजाब में भाईचारा चाहते हैं। पुराने पंजाब को लौटते हुए देखना चाहते हैं। जहां अच्छे खिलाड़ी पंजाब देता था। अच्छी खेती पंजाब में होती थी। आज भारतीय जनता पार्टी यह दावे से कह सकती है हम एक नशा मुक्त पंजाब देंगे। हम रोजगार युक्त पंजाब देंगे। हम अच्छे खिलाड़ियों वाला पंजाब वापस से तैयार करेंगे। तो पंजाब की जनता को केंद्र की सरकार पर केंद्र की नीतियों पर भरोसा है। और जो डबल इंजन की जो बात हम लोग करते हैं वो महज नारा नहीं है।
सतीश पूनिया ने आगे कहा कि डबल इंजन का कांसेप्ट किसी भी प्रदेश को ताकत देता है तो पंजाब में भी मुझे लगता है कि डबल इंजन की सरकार की दरकार है जो हम पूरी करेंगे। लास्ट देखिए बीजेपी के पास शहरी जो एक अर्बन बीजेपी का आधार है वह तो पुख्ता है ही। दूसरा वैचारिक रूप से भी शहरों की जनता पार्टी के मिजाज से जुड़ी है। तीसरा जो वैचारिक मुद्दों का समाधान मोदी जी ने किया उस पर भरोसा है। चौथा भजनलाल जी की सरकार ने जिस सहज सरल तरीके से सरकार भी चलाई है और लोगों को एक तरीके से संजीदगी का मैसेज देने की कोशिश की है।
पूनिया ने आगे कहा कि कांग्रेस पार्टी ने पिछली बार परिसीमन के नाम पर निकायों में बड़ी गड़बड़ियां करी इसलिए विलंब हुआ। पर मुझे भरोसा है कि जिस तरीके से पार्टी केंद्रीय नेतृत्व ने भी बहुत इस तरीके के सीनियर लोगों को डेप्यूट किया है। यह अपने आप में पार्टी की गंभीरता को प्रदर्शित करता है। तो केंद्र की टीम प्रदेश की टीम मिलकर निकाय चुनाव में अच्छा प्रदर्शन करेंगे। इसमें कोई दो राय नहीं है।
