राजस्थान में सरपंच-प्रधान का मानदेय बढ़ा: 10% वृद्धि लागू, हजारों जनप्रतिनिधियों को फायदा
Monday, Mar 30, 2026-05:54 PM (IST)
पंचायत प्रतिनिधियों को बड़ी राहत
राजस्थान में ग्रामीण विकास और पंचायती राज विभाग ने जनप्रतिनिधियों के मानदेय में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी लागू कर दी है। इस फैसले से राज्यभर के सरपंच, प्रधान और जिला प्रमुखों को सीधा लाभ मिलेगा।
सरकार के इस कदम को ग्रामीण स्तर पर जनप्रतिनिधियों को प्रोत्साहन देने के रूप में देखा जा रहा है।
अब इतना मिलेगा मानदेय
नई व्यवस्था के तहत अब पंचायत प्रतिनिधियों को निम्नानुसार मासिक मानदेय मिलेगा:
- सरपंच: 7,347 रुपये
- प्रधान: 12,858 रुपये
- जिला प्रमुख: 18,368 रुपये
इस बढ़ोतरी से प्रदेश की 12 जिला परिषदों और उनसे जुड़ी 78 पंचायत समितियों के प्रतिनिधियों को लाभ मिलेगा।
प्रशासकों को नहीं मिलेगा फायदा
हालांकि इस फैसले का लाभ उन पूर्व सरपंचों को नहीं मिलेगा, जो वर्तमान में ग्राम पंचायतों में प्रशासक के रूप में कार्य कर रहे हैं।
राज्य की अधिकांश ग्राम पंचायतों में जनवरी 2025 से पूर्व सरपंच ही प्रशासक के रूप में जिम्मेदारी निभा रहे हैं, लेकिन उन्हें किसी प्रकार का मानदेय नहीं दिया जा रहा है।
11 हजार पंचायतों में उठी मांग
सरपंच संघ के प्रवक्ता रफीक पठान के अनुसार प्रदेश की करीब 11 हजार ग्राम पंचायतों में पूर्व सरपंच प्रशासक के रूप में काम कर रहे हैं।
ऐसे में यह मुद्दा अब चर्चा का विषय बन गया है कि इन प्रशासकों को भी मानदेय दिया जाना चाहिए।
बढ़ सकती है मांग और विवाद
विशेषज्ञों का मानना है कि मानदेय बढ़ोतरी के बाद अब प्रशासकों को भी शामिल करने की मांग और तेज हो सकती है।
यदि सरकार इस पर विचार करती है, तो यह ग्रामीण प्रशासनिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव साबित हो सकता है।
