कृषि मंडियों की सड़कों की मरम्मत मंडी समितियों की बचत राशि से होगी: मंत्री सुमित गोदारा

Tuesday, Mar 10, 2026-06:13 PM (IST)

राजस्थान की कृषि मंडियों में क्षतिग्रस्त सड़कों के पुनर्निर्माण और मरम्मत का कार्य अब मंडी समितियों की बचत राशि से किया जाएगा। विधानसभा में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने यह जानकारी देते हुए कहा कि राज्य की सभी कृषि मंडियों में खराब सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर ठीक कराया जाएगा।

मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में 16 सितंबर 2025 को जारी आदेश के तहत कृषि मंडियों में सड़क मरम्मत के नियमों में पहली बार महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। नए प्रावधान के अनुसार मंडी विकास समितियों की सकल बचत राशि का 5 प्रतिशत हिस्सा सड़कों के रखरखाव और नवीनीकरण पर खर्च किया जा सकेगा। इससे पहले इस राशि का उपयोग सड़क नवीनीकरण के लिए नहीं किया जाता था।

जैसलमेर मंडी में सड़कों के नवीनीकरण की योजना

मंत्री ने बताया कि जैसलमेर मंडी समिति के पास वर्तमान में करीब 26.50 लाख रुपये की बचत राशि उपलब्ध है। यहां आठ सड़कों के नवीनीकरण के लिए लगभग 97.81 लाख रुपये की आवश्यकता आंकी गई है। उपलब्ध राशि के आधार पर प्राथमिकता तय कर कुछ सड़कों के नवीनीकरण के आदेश जल्द जारी किए जाएंगे।

उन्होंने बताया कि बाकी सड़कों की मरम्मत के लिए करीब 71.31 लाख रुपये की अतिरिक्त जरूरत है। इसके लिए कॉर्पस फंड के नियमों में शिथिलता देने के प्रस्ताव पर भी विचार किया जाएगा। फिलहाल कॉर्पस फंड में लगभग 59.42 लाख रुपये उपलब्ध हैं।

पहले पीडब्ल्यूडी को दी गई थी जिम्मेदारी

विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान विधायक छोटू सिंह द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में मंत्री ने बताया कि वर्ष 2010 में मंडियों की सड़कों के रखरखाव की जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी को दी गई थी। हालांकि बाद में कुछ कमियां सामने आने के बाद 2014 में यह जिम्मेदारी फिर से कृषि विपणन बोर्ड को सौंप दी गई।

मंत्री ने कहा कि राज्य की कृषि मंडियों में जहां-जहां सड़कें खराब हैं, वहां विभाग द्वारा चरणबद्ध तरीके से उनका पुनर्निर्माण कराया जाएगा। साथ ही मंडी समितियों को सड़क मरम्मत के प्रस्ताव भेजने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि परीक्षण के बाद आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
 


Content Editor

Afjal Khan

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