प्रतापगढ़ को मिलेगी रेल कनेक्टिविटी, दशकों पुराना सपना होगा साकार
Wednesday, Mar 25, 2026-07:47 PM (IST)
प्रतापगढ़: राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। लंबे समय से रेल कनेक्टिविटी का इंतजार कर रहे इस जिला मुख्यालय का सपना अब साकार होता नजर आ रहा है। प्रस्तावित नीमच-बांसवाड़ा-दाहोद-अलिराजपुर-नंदुरबार रेल लाइन को प्रतापगढ़ शहर के पास से गुजारने के निर्देश दिए गए हैं।
यह निर्णय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव द्वारा लिया गया है, जिन्होंने सीपी जोशी के आग्रह पर सकारात्मक कदम उठाया। इस संबंध में रेल मंत्री ने सांसद को पत्र लिखकर जानकारी दी है कि परियोजना का एलाइनमेंट सर्वे जारी है और पश्चिम रेलवे को इसे प्रतापगढ़ शहर के पास से ले जाने के निर्देश दिए गए हैं।
सांसद सीपी जोशी ने इस निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार आदिवासी बहुल क्षेत्रों के विकास के लिए लगातार प्रयास कर रही है और यह परियोजना उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
करीब 380 किलोमीटर लंबी इस प्रस्तावित रेल लाइन के लिए अंतिम सर्वेक्षण और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने की मंजूरी भी मिल चुकी है। यह परियोजना नीमच, प्रतापगढ़, बांसवाड़ा, दाहोद और नंदुरबार को जोड़ते हुए दक्षिण राजस्थान के बड़े हिस्से को रेलवे नेटवर्क से जोड़ेगी।
अब तक प्रतापगढ़ जिला मुख्यालय सीधे रेल नेटवर्क से नहीं जुड़ा था, जिससे यहां के लोगों को आवागमन में काफी परेशानी होती थी। इस नई रेल लाइन के बनने से हजारों लोगों को पहली बार रेल सुविधा मिल सकेगी। साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि होगी।
इस परियोजना से स्थानीय उद्योगों को भी बड़ा लाभ मिलेगा। कच्चे और तैयार माल की ढुलाई आसान होगी, जिससे व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा पर्यटन क्षेत्र को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।
रेल लाइन निर्माण और संचालन से क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। साथ ही यह परियोजना दिल्ली-मुंबई रेल मार्ग के लिए एक वैकल्पिक और छोटा रास्ता भी उपलब्ध कराएगी।
जिले में इस निर्णय को लेकर खुशी का माहौल है। स्थानीय लोगों और व्यापारिक संगठनों ने इसे ऐतिहासिक पहल बताते हुए केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया है। यह परियोजना दक्षिण राजस्थान के विकास में मील का पत्थर साबित हो सकती है।
