पूंछरी का लौठा बनेगा धार्मिक पर्यटन का नया केंद्र, 21 KM गोवर्धन परिक्रमा मार्ग होगा विकसित
Monday, Feb 16, 2026-07:58 PM (IST)
राजस्थान के डीग जिले में स्थित प्रसिद्ध धार्मिक स्थल पूंछरी का लौठा का जल्द ही व्यापक कायाकल्प होने जा रहा है। सरकार की नई योजना के तहत इस क्षेत्र को राष्ट्रीय स्तर के धार्मिक पर्यटन हब के रूप में विकसित किया जाएगा। बताया जा रहा है कि देश के बड़े उद्योगपति पूंछरी के लौठा और गोवर्धन क्षेत्र में निवेश करेंगे। यह निवेश रेस्टोरेंट, पर्यटक सुविधाओं, पार्किंग, धर्मशालाओं और स्थानीय समुदायों के विकास पर आधारित होगा। इससे न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
गोवर्धन से जुड़ने वाली सड़कें होंगी मजबूत
हाल ही में पारित बजट में डीग जिले के इंफ्रास्ट्रक्चर, सड़क और पर्यटन विकास पर विशेष जोर दिया गया है।
शहरी सड़कों के लिए 1,800 करोड़ रुपये
सड़क विकास के लिए 500 करोड़ रुपये
इसके तहत हेरिटेज और धार्मिक स्थलों को जोड़ने वाली सड़कों को मजबूत किया जाएगा। खासतौर पर गोवर्धन परिक्रमा मार्ग से जुड़ी सड़कों के उन्नयन का प्रस्ताव रखा गया है।
21 किलोमीटर परिक्रमा मार्ग होगा सुगम
गोवर्धन की प्रसिद्ध 21 किलोमीटर लंबी परिक्रमा में हर वर्ष लाखों श्रद्धालु शामिल होते हैं। प्रस्तावित निवेश से इस पूरे मार्ग को दुरुस्त किया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं को सुविधाजनक और सुरक्षित यात्रा का अनुभव मिल सकेगा।
पूंछरी का लौठा, जो गोवर्धन परिक्रमा का महत्वपूर्ण पड़ाव माना जाता है, वहां सुविधाओं के विस्तार से धार्मिक पर्यटन को नई पहचान मिलेगी।
भगवान श्रीकृष्ण से जुड़ी आस्था
पूंछरी का लौठा और गोवर्धन क्षेत्र का गहरा संबंध भगवान श्रीकृष्ण से माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यहां की पहाड़ियों पर भगवान श्रीकृष्ण के पदचिह्न मौजूद हैं। आज भी इस क्षेत्र में श्रीकृष्ण और गोपियों की कथाएं सुनाई जाती हैं, जो श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र हैं। इस विकास योजना से यह क्षेत्र देशभर में धार्मिक पर्यटन के मानचित्र पर और अधिक प्रमुखता से उभरेगा।
संभावित प्रभाव
धार्मिक पर्यटन में बढ़ोतरी
स्थानीय युवाओं को रोजगार
छोटे व्यापारियों और दुकानदारों को लाभ
बेहतर सड़क और आधारभूत सुविधाएं
पूंछरी का लौठा का यह कायाकल्प डीग जिले के लिए आर्थिक और सांस्कृतिक दृष्टि से एक बड़ी पहल माना जा रहा है।
