जोधपुर का धींगा गवर मेला पूरी दुनिया में छाया! विदेशी भी बेंत खाकर बने हिस्सा, अनोखी परंपरा ने किया हैरान
Wednesday, Apr 08, 2026-07:05 PM (IST)
जोधपुर: राजस्थान के जोधपुर जिले में सोमवार रात को आयोजित धींगा गवर मेला एक बार फिर अपनी अनोखी परंपराओं और उल्लासपूर्ण माहौल के लिए सुर्खियों में रहा। यह मेला केवल स्थानीय लोगों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि विदेशी पर्यटकों ने भी इस मेले का हिस्सा बनकर भारतीय संस्कृति का अनुभव किया। जोधपुर की तंग गलियों में जब महिलाएं अलग-अलग भेष में बेंत लेकर निकलती हैं, तो यह दृश्य हर किसी को आकर्षित करता है। इस बार विदेशी सैलानियों ने भी इस परंपरा का हिस्सा बनते हुए बेंत खाकर मजे लिए।
धींगा गवर मेले में एक दिलचस्प मान्यता जुड़ी हुई है, जिसके अनुसार महिलाओं द्वारा बेंत खाने से कुंवारों का विवाह जल्दी होता है। यही कारण था कि इस बार कई विदेशी पर्यटक इस परंपरा का हिस्सा बने और इसे खुशी-खुशी अपनाया। इस मेले का आयोजन खासतौर पर गवर माता के दर्शन और लोक संस्कृति को दर्शाने के लिए किया गया था, जो भारतीय परंपराओं से रुबरू कराता है।
मेले की सफलता और आकर्षण को देखते हुए यह अब अंतरराष्ट्रीय पहचान बना चुका है। फ्रांस से आए एक विदेशी पर्यटक ने कहा कि यह एक अद्भुत और रोमांचक त्योहार है, जो भारतीय संस्कृति को करीब से समझने का बेहतरीन मौका प्रदान करता है।
इस आयोजन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी थी। शहर में ड्रोन कैमरों से निगरानी रखी गई थी और हर गली में पुलिस तैनात थी। कुल मिलाकर, यह मेला शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ।
गवर माता का पूजन इस बार पूर्व नरेश गजसिंह और हेमलता राज्ये ने किया। यह माता पिछले 50 वर्षों से चाचा की गली में विराजित होती आ रही हैं। मेले के दौरान, सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने 30 से अधिक नाके लगाए और सभी प्रवेशकर्ताओं की जांच की।
धींगा गवर मेला जोधपुर के सांस्कृतिक धरोहर और भारतीय परंपराओं का एक जीवंत उदाहरण बन चुका है, जो पूरी दुनिया में अपनी पहचान बना चुका है।
