नागौर में पांच साल से टैंकर पर निर्भर कॉलोनियां, पाइपलाइन होने के बावजूद पानी नहीं पहुंचा

Tuesday, May 05, 2026-02:49 PM (IST)

नागौर: ताऊसर रेलवे फाटक के पास स्थित गणेश कॉलोनी और बालसागर कॉलोनी के बाशिंदे पिछले पांच वर्षों से पेयजल की गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं। कॉलोनियों में पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है, लेकिन अब तक घरों तक एक बूंद पानी नहीं पहुंचा है। गर्मी बढ़ने के साथ समस्या और विकट हो गई है और लोग अपनी मूल जरूरत पूरी करने के लिए निजी टैंकरों पर निर्भर हैं।

 

स्थानीय निवासियों ने बताया कि वर्ष 2020-21 में गूजरखेड़ा की ओर से पाइपलाइन बिछाई गई थी। उस समय विभाग ने भरोसा दिया था कि जलापूर्ति जल्द शुरू कर दी जाएगी। लेकिन पांच साल बीत जाने के बावजूद घरों तक पानी नहीं पहुंचा। जयनारायण, भागीरथराम और श्याम जैसे कॉलोनीवासियों का कहना है कि पाइपलाइन डालने के बाद विभाग ने आगे की प्रक्रिया पूरी नहीं की, जिससे योजना अधर में लटकी हुई है।

 

पिछले पांच साल में कॉलोनीवासियों ने कई बार जलदाय विभाग को लिखित और मौखिक शिकायतें दीं। अधिकारी मौके का दौरा भी कर चुके हैं, लेकिन आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला। हाल ही में अजमेर से आए अतिरिक्त मुख्य अभियंता रामचंद्र राड की समीक्षा बैठक में स्थानीय अधिकारियों ने जल व्यवस्था को संतोषजनक बताया, जबकि कॉलोनीवासियों का कहना है कि यह केवल कागजों तक ही सीमित है। बैठक में यह भी कहा गया कि पाइपलाइन न मिलने वाले इलाकों में टैंकर की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी, लेकिन वास्तविकता में लोग खुद ही टैंकर मंगवाने को मजबूर हैं।

 

स्थानीय परिवारों को हर दस दिन में टैंकर मंगवाना पड़ता है। गर्मी में टैंकर का खर्च बढ़ जाता है, जिससे आर्थिक बोझ और कठिन हो गया है। पानी की किल्लत से सबसे अधिक परेशानी महिलाओं और बच्चों को उठानी पड़ रही है। सोमवार को जेतादेवी, राजुड़ी, अलका, सुमिता, निरमा, जसोदा और सुमित्रा समेत अन्य महिलाओं ने खाली बर्तन लेकर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने प्रशासन से जल्द स्थायी समाधान की मांग की और चेतावनी दी कि यदि समस्या का निराकरण नहीं हुआ तो आंदोलन तेज किया जाएगा।

 

कॉलोनीवासियों का कहना है कि प्रशासन को पाइपलाइन से जलापूर्ति सुनिश्चित करना चाहिए और टैंकरों पर निर्भरता समाप्त करनी चाहिए। लगातार बढ़ती गर्मी और जल संकट ने स्थानीय लोगों के जीवन को कठिन बना दिया है।


Content Editor

Anil Jangid

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