नींबू के भाव में आग! सीकर में ₹215 प्रति किलो तक पहुंचा दाम, होटल-रेस्टोरेंट में सलाद से गायब
Monday, Mar 16, 2026-03:51 PM (IST)
सीकर: सीकर जिले में नींबू की कीमतों में अचानक उछाल ने आम लोगों और व्यापारियों दोनों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। थोक और खुदरा बाजार में नींबू के दाम क्रमशः 200-215 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गए हैं। गर्मियों में बढ़ी मांग और महाराष्ट्र से कम आवक, साथ ही मद्रास से उच्च परिवहन लागत के कारण आपूर्ति घटने से कीमतें आसमान छू रही हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मियों के मौसम और शादी-ब्याह के सीजन में नींबू की मांग में अचानक इजाफा हुआ है, जबकि बाजार में आपूर्ति पर्याप्त नहीं है। इस असंतुलन के कारण नींबू सामान्य कीमतों पर आम आदमी की थाली से दूर होता जा रहा है। होटल और रेस्तरां भी सलाद और पेय में नींबू का इस्तेमाल कम करने लगे हैं।
व्यापारियों का कहना है कि वर्तमान में मुख्य रूप से महाराष्ट्र से ही नींबू की आवक हो रही है। दक्षिण भारत से मंगवाने में परिवहन लागत अधिक है, जिससे सप्लाई और सीमित हो गई है। स्थानीय किसानों के पास पर्याप्त मात्रा नहीं है क्योंकि सीकर में नींबू की व्यावसायिक खेती बड़े पैमाने पर विकसित नहीं हुई है।
गृहिणियां बता रही हैं कि नींबू का इस्तेमाल रोजाना होता है—दाल, सब्जी, सलाद और पेय में—लेकिन कीमत बढ़ने से घर का बजट प्रभावित हो रहा है। परिवार अब जरूरत के अनुसार ही नींबू खरीद रहे हैं।
आयुर्वेद विशेषज्ञों के अनुसार नींबू गर्मियों में शरीर के लिए अत्यंत लाभकारी है। यह डिहाइड्रेशन से बचाता है, पाचन क्रिया बेहतर बनाता है और विटामिन-सी की आपूर्ति करता है। गर्मी बढ़ने के साथ नींबू की मांग और कीमतों में और वृद्धि की संभावना जताई जा रही है।
वर्तमान स्थिति को देखते हुए यह साफ है कि आने वाले दिनों में दक्षिण भारत से आवक में सुधार न होने पर नींबू और महंगा हो सकता है, जिससे आम लोगों की थाली और होटल-रेस्टोरेंट की रसोई दोनों प्रभावित होंगे।
