16 साल बाद फिर से बहने लगेगी ऐतिहासिक जवाई नहर, पाली और जोधपुर को मिलेगा अतिरिक्त पानी

Sunday, Mar 29, 2026-05:45 PM (IST)

जोधपुर: पाली और जोधपुर के लिए एक बड़ी राहत की खबर आई है। ऐतिहासिक जवाई नहर, जो पिछले 16 वर्षों से बंद पड़ी थी, को ‘जवाई पुनर्भरण योजना’ के तहत फिर से चालू किया जाएगा। इस परियोजना की कुल लागत 2280 करोड़ रुपये है और इसके माध्यम से इन दोनों जिलों में पानी की आपूर्ति को बेहतर बनाया जाएगा, जिससे जल संकट में बड़ी राहत की उम्मीद है।

 

जवाई नहर, जो पहले पाली और जोधपुर के जल संकट को सुलझाने में मदद करती थी, अब फिर से इन दोनों जिलों को अतिरिक्त पानी देने में सक्षम होगी। इस परियोजना के तहत कई जलाशयों को पुनः भरने की योजना है, जिनमें प्रमुख रूप से ढोला तालाब, जैतपुरा, गुंदोज बांध, हाथलाई, एंदला बांध, लाखोटिया, निंबली उर्रा और खारड़ा बांध शामिल हैं। इसके अलावा, हेमावास नहर के माध्यम से रूपावास, गिरोलिया और वायद बांध को भी पानी की आपूर्ति की जाएगी। इस योजना से पाली को 2194 और जोधपुर को 441 एमसीएफटी अतिरिक्त पानी मिल सकेगा।

 

जवाई नहर का इतिहास काफी पुराना है। 1936 में यह नहर जोधपुर के पेयजल आपूर्ति के लिए बनाई गई थी और 1959 तक यह पूरी तरह से चालू रही। हालांकि, 2009 के बाद नहर का रखरखाव न होने के कारण यह जर्जर हो गई और इसका उपयोग बंद हो गया। अब 'जवाई पुनर्भरण योजना' के तहत इस नहर को फिर से बहने के लायक बनाने के लिए अतिक्रमण हटाने और ढलान को दुरुस्त करने का काम किया जाएगा।

 

यह परियोजना न केवल पानी की कमी को दूर करेगी, बल्कि सूखे के दिनों में भी पाली और जोधपुर की प्यास बुझाने में मददगार साबित होगी। इस योजना से क्षेत्र में जल प्रबंधन की एक नई दिशा मिल सकेगी और इसके जरिए पानी की बर्बादी को भी रोका जा सकेगा।

 

सिंचाई विभाग इस महत्वाकांक्षी योजना की डीपीआर (DPR) मई तक तैयार कर लेगा और जल्द ही काम की शुरुआत होगी। इस प्रोजेक्ट का कार्यान्वयन क्षेत्रीय जल संकट के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।


Content Editor

Anil Jangid

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