भरतपुर-धौलपुर-डीग जाट आरक्षण: पूर्व मंत्री विश्वेंद्र सिंह ने बताया संवैधानिक रास्ता, 22 जून को होगी हुंकार सभा

Friday, Jun 19, 2026-02:29 PM (IST)

भरतपुर: भरतपुर, धौलपुर और डीग जिलों में जाट आरक्षण को लेकर एक बार फिर राजनीतिक और सामाजिक हलचल तेज हो गई है। पूर्व कैबिनेट मंत्री विश्वेंद्र सिंह ने इस मुद्दे पर समाज को संवैधानिक और गैर-राजनीतिक तरीके से आगे बढ़ने की सलाह दी है। उन्होंने कहा है कि आरक्षण की यह लड़ाई किसी राजनीतिक बैनर के तहत नहीं, बल्कि कानूनी प्रक्रिया और समाज की एकजुटता के जरिए ही सफल हो सकती है।

 

विश्वेंद्र सिंह ने अपने सोशल मीडिया संदेश में आरक्षण प्रक्रिया से जुड़े कुछ सरकारी पत्र भी साझा किए और दावा किया कि राज्य सरकार पहले ही जाट समाज के आरक्षण की सिफारिश केंद्र सरकार को भेज चुकी है। उन्होंने कहा कि अब आगे की प्रक्रिया केंद्र सरकार के स्तर पर तय होगी।

 

उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्ष 2018 में 102वें संविधान संशोधन के बाद राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (NCBC) को संवैधानिक दर्जा मिला, जिसके तहत किसी भी समुदाय को OBC आरक्षण देने की प्रक्रिया कई चरणों से गुजरती है। इसमें राज्य सरकार की सिफारिश, NCBC की जांच, केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी, संसद की स्वीकृति और राष्ट्रपति द्वारा गजट अधिसूचना शामिल होती है। इसी प्रक्रिया के पूरा होने के बाद ही किसी समुदाय को केंद्रीय स्तर पर आरक्षण का लाभ मिल सकता है।

 

पूर्व मंत्री ने यह भी कहा कि जल्द ही समाज का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से मुलाकात करेगा और इस मुद्दे पर सहयोग की अपील करेगा। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री का भरतपुर से जुड़ाव होने के कारण उन्हें उम्मीद है कि सरकार इस मांग को गंभीरता से लेगी।

 

इसी बीच, जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने 22 जून को भरतपुर के नुमाइश मैदान में हुंकार सभा आयोजित करने की घोषणा की है। यह सभा सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक चलेगी। समिति के संयोजक नैमसिंह फौजदार के अनुसार, गर्मी को देखते हुए सभा स्थल पर पानी, छाया और अन्य सुविधाओं की व्यवस्था की जा रही है।

 

सभा में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के प्रमुख हनुमान बेनीवाल मुख्य वक्ता के रूप में शामिल होंगे। इसके अलावा सांसद संजना जाटव सहित कई राजनीतिक और सामाजिक नेताओं को आमंत्रित किया गया है, हालांकि अभी सभी ने अपनी भागीदारी की पुष्टि नहीं की है।

 

संघर्ष समिति के कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर पीले चावल बांटकर लोगों को सभा में शामिल होने का निमंत्रण दे रहे हैं। समिति को उम्मीद है कि बड़ी संख्या में लोग इस हुंकार सभा में शामिल होकर अपनी एकजुटता दिखाएंगे। फिलहाल, प्रशासन भी इस कार्यक्रम को लेकर तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था पर नजर बनाए हुए है।


Content Editor

Anil Jangid

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