राजस्थान बीजेपी में संगठनात्मक हलचल: डीग को मिलेगा नया जिलाध्यक्ष, भरतपुर में भी बदल सकता है नेतृत्व

Friday, Jun 26, 2026-03:29 PM (IST)

भरतपुर: राजस्थान भारतीय जनता पार्टी में संगठनात्मक पुनर्गठन की प्रक्रिया तेज हो गई है। पार्टी जल्द ही प्रदेश के आठ जिलों में नए जिलाध्यक्षों की घोषणा कर सकती है। इस क्रम में नवगठित डीग जिले में पहले भाजपा जिलाध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर राजनीतिक और संगठनात्मक हलचल बढ़ गई है। वहीं, भरतपुर जिले में भी वर्तमान जिलाध्यक्ष के स्थान पर नए चेहरे को जिम्मेदारी मिलने की चर्चाएं तेज हैं।

 

सूत्रों के अनुसार डीग भाजपा जिलाध्यक्ष पद के लिए कई नेताओं ने सक्रियता बढ़ा दी है। संभावित दावेदार अपने संगठनात्मक अनुभव, सामाजिक समीकरण और कार्यकर्ताओं के बीच पकड़ के आधार पर अपनी दावेदारी मजबूत करने में जुटे हैं। पार्टी नेतृत्व ऐसे चेहरे की तलाश में है जो संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने के साथ कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर सके।

 

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस बार जिलाध्यक्ष के चयन में केवल राजनीतिक प्रभाव नहीं, बल्कि संगठन के प्रति लंबे समय से सक्रिय और समर्पित कार्यकर्ताओं को भी प्राथमिकता दी जा सकती है। इसी कारण राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की पृष्ठभूमि से जुड़े किसी कार्यकर्ता को जिम्मेदारी मिलने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि अभी तक पार्टी की ओर से किसी नाम की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

 

डीग के साथ-साथ भरतपुर भाजपा में भी नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें लगाई जा रही हैं। प्रदेश स्तर पर भाजपा अध्यक्ष के बदलाव की संभावनाओं के बीच जिला संगठन में भी नए चेहरों को जिम्मेदारी मिलने की चर्चा है। माना जा रहा है कि प्रदेश संगठन में बदलाव के बाद भरतपुर में भी नया जिलाध्यक्ष नियुक्त किया जा सकता है।

 

सूत्रों के मुताबिक, डीग में जिलाध्यक्ष के चयन की प्रक्रिया में राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढम और डीग-कुम्हेर विधायक डॉ. शैलेष सिंह की राय भी अहम मानी जा रही है। जिले की राजनीति और संगठन पर दोनों नेताओं की सक्रिय भूमिका को देखते हुए प्रदेश नेतृत्व उनके सुझावों पर विचार कर सकता है।

 

फिलहाल भाजपा की ओर से जिलाध्यक्षों के नामों का आधिकारिक ऐलान होना बाकी है। ऐसे में डीग और भरतपुर सहित अन्य जिलों में संगठनात्मक नियुक्तियों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं और कार्यकर्ताओं की नजरें प्रदेश नेतृत्व के अंतिम फैसले पर टिकी हुई हैं।


Content Editor

Anil Jangid

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