Jaipur: पूर्व कमांडो हिम्मत सिंह राठौड़ ने रचा इतिहास, 60 पाउंड वजन के साथ एक पैर पर लगाए 670 पुश-अप
Saturday, Oct 24, 2026-04:52 PM (IST)
जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर में पूर्व सैनिक, मोटिवेटर और फिजिकल ट्रेनर हिम्मत सिंह राठौड़ ने अपनी असाधारण शारीरिक क्षमता और मजबूत इच्छाशक्ति का प्रदर्शन करते हुए नया विश्व रिकॉर्ड बनाया। आयोजकों के अनुसार, हिम्मत सिंह ने पीठ पर 60 पाउंड (करीब 27.2 किलोग्राम) वजन रखकर, एक पैर के सहारे एक घंटे में 670 पुश-अप लगाए। इस उपलब्धि को गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किए जाने की घोषणा कार्यक्रम के दौरान की गई।
भवानी निकेतन परिसर में हुआ लाइव रिकॉर्ड प्रदर्शन
जयपुर के भवानी निकेतन परिसर में शनिवार, 24 अक्टूबर को आयोजित लाइव कार्यक्रम में हिम्मत सिंह राठौड़ ने यह चुनौती पूरी की। कार्यक्रम में गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के अधिकारी श्री नाथ ने रिकॉर्ड स्थापित होने की औपचारिक घोषणा की। इस उपलब्धि के बाद उपस्थित लोगों ने हिम्मत सिंह का उत्साहवर्धन किया और उन्हें बधाई दी।
प्रदेश के खेल एवं उद्योग मंत्री राज्यवर्धन राठौड़ ने भी हिम्मत सिंह के हौसले, अनुशासन और मेहनत की सराहना की। उन्होंने कहा कि हिम्मत की उपलब्धि युवाओं के लिए प्रेरणादायक है। साथ ही, उन्होंने हिम्मत सिंह के नाम की सिफारिश स्वच्छ भारत अभियान के ब्रांड एंबेसडर के रूप में भारत सरकार को भेजने का भरोसा दिलाया।
पहले भी बना चुके हैं कई रिकॉर्ड
42 वर्षीय हिम्मत सिंह राठौड़ इससे पहले भी अपनी फिटनेस और सहनशक्ति के दम पर कई उपलब्धियां हासिल कर चुके हैं। दी गई जानकारी के अनुसार, 4 फरवरी 2026 को उन्होंने एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में एक मिनट में सर्वाधिक पुश-अप लगाने का रिकॉर्ड बनाया था। इसके अलावा, वर्ष 2024 में लगातार सीढ़ियां चढ़ने और उतरने का रिकॉर्ड भी उनके नाम रहा।
सेना से सेवानिवृत्ति के बाद युवाओं को दे रहे हैं निशुल्क प्रशिक्षण
मूल रूप से राजस्थान के अजमेर जिले के गोला गांव के रहने वाले हिम्मत सिंह राठौड़ वर्ष 2020 में सेना से सेवानिवृत्त हुए। इसके बाद उन्होंने अपना जीवन युवाओं को शारीरिक रूप से मजबूत बनाने और उन्हें देश की सेवा के लिए तैयार करने में समर्पित कर दिया।
हिम्मत सिंह गरीब बच्चों को सेना, अर्धसैनिक बलों और पुलिस में भर्ती होने के लिए शारीरिक प्रशिक्षण देते हैं। खास बात यह है कि वह इस उद्देश्य के लिए निशुल्क कोचिंग भी उपलब्ध कराते हैं, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चे भी अपने सपनों को पूरा करने की तैयारी कर सकें।
युवाओं के लिए बने प्रेरणा
कार्यक्रम में हिम्मत सिंह का हौसला बढ़ाने के लिए विभिन्न स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों के विद्यार्थी, एनसीसी कैडेट्स तथा स्काउट-गाइड भी मौजूद रहे। उनकी मौजूदगी ने कार्यक्रम को खास बना दिया।
हिम्मत सिंह राठौड़ की यह उपलब्धि केवल शारीरिक ताकत का प्रदर्शन नहीं, बल्कि अनुशासन, निरंतर अभ्यास और दृढ़ संकल्प की मिसाल भी है। सेना से सेवानिवृत्ति के बाद युवाओं को निशुल्क प्रशिक्षण देने की उनकी पहल समाज के प्रति उनके समर्पण को भी दर्शाती है।
नोट: प्रकाशन से पहले गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की आधिकारिक पुष्टि, रिकॉर्ड श्रेणी का सटीक नाम और रिकॉर्ड प्रमाणपत्र का विवरण सत्यापित कर लें।
