राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल से की मुलाकात, विधानसभा आने का दिया निमंत्रण
Tuesday, Oct 27, 2026-03:01 PM (IST)
जयपुर। राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने दिल्ली प्रवास के दौरान केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल से नई दिल्ली स्थित उनके राजकीय निवास पर शिष्टाचार भेंट की। के. कामराज मार्ग पर हुई इस मुलाकात के दौरान राजस्थान से जुड़े विभिन्न विषयों के साथ संसदीय एवं विधायी कार्यों को अधिक प्रभावी बनाने के मुद्दों पर चर्चा हुई।
विधानसभा में हुए नवाचारों की दी जानकारी
मुलाकात के दौरान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल को राजस्थान विधानसभा में पिछले वर्षों के दौरान किए गए विभिन्न नवाचारों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विधानसभा की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी, आधुनिक और जनोन्मुखी बनाने के लिए कई प्रयास किए गए हैं।
देवनानी ने विधानसभा की गतिविधियों और विधायी कार्यों को बेहतर बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों से भी केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया। इस अवसर पर उन्होंने अर्जुन राम मेघवाल को राजस्थान विधानसभा का दौरा करने के लिए आमंत्रित किया।
संविधान दीर्घा के बारे में बताया
विधानसभा अध्यक्ष ने राजस्थान विधानसभा के राजनीतिक आख्यान संग्रहालय में स्थापित संविधान दीर्घा के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संविधान दीर्घा के माध्यम से भारतीय संविधान की निर्माण यात्रा, उसके ऐतिहासिक महत्व और लोकतांत्रिक मूल्यों को प्रभावी ढंग से प्रदर्शित करने का प्रयास किया गया है।
उन्होंने बताया कि यह दीर्घा देश के संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियों को आमजन तक पहुंचाने का माध्यम बन रही है। देश-विदेश से आने वाले विभिन्न प्रतिनिधिमंडलों के साथ-साथ राज्य के विद्यालयों, महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों के विद्यार्थी भी राजनीतिक आख्यान संग्रहालय का अवलोकन कर रहे हैं।
शिष्टाचार भेंट के दौरान विभिन्न विषयों पर चर्चा
वासुदेव देवनानी और अर्जुन राम मेघवाल के बीच हुई इस मुलाकात में राजस्थान से जुड़े विभिन्न विषयों के साथ संसदीय और विधायी कार्यों को अधिक प्रभावी बनाने पर विचार-विमर्श हुआ। विधानसभा अध्यक्ष ने केंद्रीय मंत्री का पुष्पगुच्छ भेंट कर अभिवादन किया।
यह मुलाकात शिष्टाचार भेंट के रूप में हुई, जिसमें राजस्थान विधानसभा की कार्यप्रणाली, उसमें किए गए नवाचारों और संविधान दीर्घा की भूमिका प्रमुख चर्चा के विषय रहे।
