भीलवाड़ा में सनातन मंगल महोत्सव में पहुंचे राज्यपाल हरिभाऊ बागडे, बोले– सनातन संस्कृति को मिटा नहीं सकती कोई ताकत
Friday, Feb 20, 2026-07:48 PM (IST)
भीलवाड़ा स्थित हरिशेवा उदासीन आश्रम सनातन मंदिर के तत्वावधान में आयोजित आठ दिवसीय सनातन मंगल महोत्सव एवं दीक्षा दान समारोह के दूसरे दिन राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने पहुंचकर श्रीमद भागवत महापुराण कथा का श्रवण किया।
आश्रम पहुंचने पर महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम उदासीन महाराज, संत-महात्माओं, सनातन सेवा समिति तथा हंसगंगा हरि सेवा भक्त मंडल के पदाधिकारियों व सदस्यों ने राज्यपाल का पुष्प गुच्छ एवं सनातन सिंधु चिन्ह भेंट कर स्वागत किया।
सनातन संस्कृति पर दिया संदेश
राज्यपाल बागडे ने आयोजन को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि सनातन संस्कृति दुनिया की सबसे प्राचीन और समावेशी विचारधारा है। उन्होंने कहा कि— “दुनिया में कोई ताकत नहीं है जो सनातन संस्कृति के प्रति हमारी श्रद्धा और भक्ति को मिटा सके। इसी श्रद्धा के कारण यह संस्कृति सुरक्षित है।”
उन्होंने महाभारत और रामायण जैसे ग्रंथों को सनातन संस्कृति का प्रतीक बताया। साथ ही कहा कि आठवीं सदी से सनातन संस्कृति को समाप्त करने के कई प्रयास हुए, लेकिन आक्रमणकारी कभी सफल नहीं हो पाए। राज्यपाल ने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए बप्पा रावल द्वारा मोहम्मद बिन कासिम को खदेड़े जाने का उल्लेख किया और कहा कि हमारे साधु-संतों ने सदैव धर्म और संस्कृति की रक्षा की है।
कथा व्यास का अभिनंदन
राज्यपाल ने व्यास पीठ पर विराजित श्रीधाम वृंदावन के कथा व्यास डॉ. श्यामसुन्दर पाराशर का अभिनंदन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम उदासीन ने आयोजन के उद्देश्य और आठ दिवसीय धार्मिक अनुष्ठानों की जानकारी दी।
संगम विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में भी रहे मुख्य अतिथि
राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने भीलवाड़ा स्थित संगम विश्वविद्यालय के 12वें दीक्षांत समारोह में भी मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। इससे पूर्व पुलिस लाइन स्थित हेलीपैड पर जिला कलेक्टर जसमीत सिंह संधू, पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह यादव एवं अन्य जनप्रतिनिधियों ने बुके व ऊपरणा ओढ़ाकर राज्यपाल का स्वागत किया। इस अवसर पर सांसद दामोदर अग्रवाल, जिला अध्यक्ष प्रशांत मेवाड़ा सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
