खंडहर से नंबर 1 तक का सफर! करौली ने शिक्षा में रचा इतिहास, नीति आयोग रैंकिंग में देशभर में पहला स्थान
Sunday, Apr 12, 2026-07:16 PM (IST)
करौली: शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक सफलता की ओर कदम बढ़ाते हुए करौली जिले ने नीति आयोग द्वारा जारी की गई रैंकिंग में देशभर में पहला स्थान हासिल किया है। यह उपलब्धि जिले के लिए गर्व का विषय है और इसके पीछे जिले के शिक्षा विभाग द्वारा किए गए लगातार प्रयासों और सुधारों का बड़ा हाथ है। यह सफलता जिले की शिक्षा व्यवस्था में किए गए सुधारों को दर्शाती है, जो अब सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुकी है।
सूत्रों के अनुसार, करौली जिले को पहले आकांक्षी जिलों की सूची में शामिल किया गया था, जहां शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और अन्य आधारभूत सुविधाओं में सुधार के लिए कार्य किए जा रहे थे। जिले ने विशेष रूप से शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन किया, जिसके कारण उसे यह शानदार रैंकिंग प्राप्त हुई।
इस सफलता के पीछे कई महत्वपूर्ण पहलू हैं, जैसे कि स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना, शिक्षकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करना और छात्रों के सीखने के स्तर में सुधार करना। प्रशासन और शिक्षा विभाग ने मिलकर निरंतर मॉनिटरिंग की, जिससे स्कूलों में पढ़ाई का माहौल बेहतर हुआ। डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए गए, जिससे छात्रों को नई तकनीक से जोड़ने में मदद मिली।
इस उपलब्धि के लिए नीति आयोग ने करौली जिले को 3 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि भी दी है। यह राशि स्कूलों के भवनों के सुधार, नई कक्षाओं के निर्माण और अन्य शैक्षणिक सुविधाओं को बढ़ाने में इस्तेमाल की जाएगी। खास बात यह है कि जिन स्कूलों के भवन बारिश और अतिवृष्टि के कारण क्षतिग्रस्त हो गए थे, उन्हें प्राथमिकता पर ठीक किया जाएगा।
अब इस अतिरिक्त फंड के मिलने से छात्रों को बेहतर और सुरक्षित पढ़ाई का वातावरण मिलेगा। शिक्षा अधिकारियों का कहना है कि यह सफलता टीम वर्क का परिणाम है और आगे भी शिक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे। इस सफलता से अन्य जिलों को भी प्रेरणा मिल सकती है और यह साबित करता है कि सही योजनाएं और मजबूत इच्छाशक्ति से शिक्षा के क्षेत्र में बड़े बदलाव किए जा सकते हैं।
