सिंचाई पानी की मांग को लेकर किसानों का विरोध, सूरतगढ़ में CM भजनलाल के कार्यक्रम के खिलाफ प्रदर्शन
Sunday, Sep 27, 2026-07:09 PM (IST)
घड़साना/अनूपगढ़। राजस्थान के घड़साना और अनूपगढ़ क्षेत्र में सिंचाई के पानी की मांग को लेकर किसानों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। किसान सिंचाई पानी के बेहतर रेगुलेशन और अपनी अन्य मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। इसी बीच सूरतगढ़ में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के कार्यक्रम का विरोध करने के लिए घड़साना और अनूपगढ़ क्षेत्र से किसान तथा किसान नेता रवाना हुए।
किसानों के आंदोलन के बीच हाल के दिनों में क्षेत्र में कई विरोध प्रदर्शन देखने को मिले हैं। 24 सितंबर को किसानों ने अनूपगढ़-घड़साना क्षेत्र में सिंचाई पानी की मांग को लेकर NH-911 पर पतरोड़ा के पास चक्काजाम भी किया था। रिपोर्टों के अनुसार किसान सिंचाई पानी के रेगुलेशन को लेकर लिखित आदेश की मांग कर रहे हैं।
इसी आंदोलन के तहत किसानों और किसान नेताओं ने सूरतगढ़ में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान विरोध जताने की तैयारी की। प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व विधायक शिमला नायक ने किया। किसानों के सूरतगढ़ की ओर बढ़ने की सूचना के बाद पुलिस प्रशासन ने अनूपगढ़ में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी और रास्ते में बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को रोक दिया।
किसान नेताओं ने मौके से आगे बढ़ने की कोशिश की, लेकिन पुलिस की बैरिकेडिंग के कारण वे कार्यक्रम स्थल की ओर नहीं जा सके। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने मौके पर ही काले झंडे दिखाकर विरोध जताया। इस दौरान सिंचाई पानी की मांग को लेकर नारेबाजी भी की गई। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच स्थिति पर प्रशासन की नजर बनी रही।
घड़साना और अनूपगढ़ क्षेत्र में सिंचाई पानी का मुद्दा पिछले कई दिनों से लगातार चर्चा में है। इससे पहले किसान घड़साना में महापड़ाव भी कर चुके हैं। किसानों की ओर से अनूपगढ़ शाखा के लिए पानी आरक्षित करने और सिंचाई के लिए निर्धारित समूहों में पानी उपलब्ध कराने जैसी मांगें उठाई गई हैं।
24 सितंबर की रिपोर्टों के मुताबिक, किसानों ने NH-911 पर चक्काजाम करते हुए आंदोलन को और तेज किया था। वहीं प्रशासन और किसान प्रतिनिधियों के बीच बातचीत भी हुई थी। कुछ रिपोर्टों में बताया गया कि प्रशासन की ओर से पानी की कुछ किस्तों का भरोसा दिया गया, जबकि किसान अपनी मांगों को लिखित रूप में चाहते हैं।
प्रशासन की ओर से किसानों की समस्याओं को लेकर बैठकें भी की गई हैं। 23 सितंबर को घड़साना और अनूपगढ़ में जिला प्रशासन के अधिकारियों ने किसान प्रतिनिधियों से बातचीत कर सिंचाई और फसल खराबे से जुड़ी समस्याएं सुनी थीं।
वहीं किसानों का कहना है कि जब तक सिंचाई पानी से जुड़ी मांगों पर ठोस और लिखित समाधान नहीं मिलता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। दूसरी ओर, प्रशासन की कोशिश है कि बातचीत के जरिए मामले का समाधान निकाला जाए और क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनी रहे।
सूरतगढ़ में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के कार्यक्रम के विरोध की घटना के बाद सिंचाई पानी का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक रूप से भी चर्चा में आ गया है। फिलहाल घड़साना और अनूपगढ़ क्षेत्र में किसानों का आंदोलन जारी है और आने वाले दिनों में किसान संगठनों की अगली रणनीति पर नजर रहेगी।
