कॉमनवेल्थ पीस मेडिएशन कॉन्फ्रेंस-2026 का भव्य समापन, जयपुर डिक्लेरेशन ऑन पीस मेडिएशन एंड रूल ऑफ लॉ पर हुए हस्ताक्षर
Monday, Aug 03, 2026-01:44 PM (IST)
जयपुर। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण कॉमनवेल्थ लॉयर्स एसोसिएशन (CLA), सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) तथा निवारण (NIVAARAN) के संयुक्त तत्वावधान में 31 जुलाई से 2 अगस्त तक होटल द ललित, जयपुर में आयोजित तीन दिवसीय कॉमनवेल्थ पीस मेडिएशन कॉन्फ्रेंस-2026 का रविवार को सफलतापूर्वक समापन हुआ। सम्मेलन में कॉमनवेल्थ देशों के न्यायाधीशों, विधि विशेषज्ञों तथा मध्यस्थता क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों ने शांति, न्याय और विधि के शासन को सुदृढ़ बनाने में मध्यस्थता की भूमिका पर गहन विचार-विमर्श किया।
न्यायमूर्ति विक्रम नाथ ने मध्यस्थता को बताया जीवन जीने का दृष्टिकोण
मुख्य भाषण में भारत के सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश माननीय न्यायमूर्ति विक्रम नाथ ने कहा कि शांति उच्च-विश्वास (High Trust) वाले समाज की आधारशिला है और ऐसा समाज ही मजबूत राष्ट्र निर्माण का आधार बनता है। उन्होंने कहा कि मध्यस्थता केवल विवाद समाधान की प्रक्रिया नहीं, बल्कि जीवन जीने का एक तरीका बनना चाहिए, जिससे संबंधों, विश्वास और सामाजिक सौहार्द को बनाए रखते हुए विवादों का समाधान संभव हो सके। उन्होंने शांति को समावेशी, सुदृढ़ और दीर्घकालिक समाज निर्माण की व्यापक अवधारणा बताते हुए कहा कि न्यायपूर्ण एवं विश्वास आधारित व्यवस्था ही टिकाऊ विकास का मार्ग प्रशस्त करती है। कॉन्फ्रेंस के अंतिम दिन न्यायमूर्ति विक्रम नाथ ने बटन दबाकर "न्याययान–द डिजिटल वे ऑफ जस्टिस" सॉफ्टवेयर का शुभारंभ किया।
अंतरराष्ट्रीय न्यायविदों की गरिमामयी उपस्थिति, डिजिटल न्याय व्यवस्था की नई शुरुआत
समापन समारोह का शुभारंभ वंदे मातरम् के गायन से हुआ। मुख्य अतिथियों के सम्मान के उपरांत नालसा थीम सॉन्ग प्रस्तुत किया गया। स्वागत उद्बोधन में राजस्थान उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एवं राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष माननीय न्यायमूर्ति संजीव प्रकाश शर्मा ने देशभर में विधिक सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए न्यायमूर्ति विक्रम नाथ के सतत् मार्गदर्शन एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरणों के साथ उनके नियमित संवाद की सराहना की। उन्होंने बताया कि राजस्थान न्यायपालिका ने तकनीकी नवाचार को अपनाते हुए "न्याययान–द डिजिटल वे ऑफ जस्टिस" सॉफ्टवेयर का शुभारंभ किया है, जिसके माध्यम से जिला न्यायपालिका पूर्णतः पेपरलेस कार्यप्रणाली की ओर अग्रसर होगी। उन्होंने घोषणा की कि 36 नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स न्यायालय तथा 12 वाणिज्यिक न्यायालयों सहित कुल 1,495 न्यायालय और 1,517 न्यायिक अधिकारी अब पेपरलेस प्रणाली के अंतर्गत कार्य करेंगे। उन्होंने इस सफल आयोजन के लिए राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य सचिव हरि ओम अत्री तथा पूरी टीम को बधाई भी दी।
वैश्विक वक्ताओं ने संवाद और मध्यस्थता को बताया स्थायी शांति का आधार
वैलिडिक्टरी सत्र में बहामास कोर्ट ऑफ अपील के न्यायाधीश माननीय न्यायमूर्ति वशीस्ट कोकाराम ने बहामास की संवैधानिक यात्रा का उल्लेख करते हुए आशा व्यक्त की कि जयपुर घोषणा-पत्र जयपुर को विश्व स्तर पर शांति के शहर के रूप में नई पहचान देगा। राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने कहा कि जयपुर की संवाद, सौहार्द और सह-अस्तित्व की ऐतिहासिक परंपरा इसे ऐसे अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के लिए आदर्श स्थल बनाती है तथा उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह घोषणा-पत्र कॉमनवेल्थ देशों में मध्यस्थता को और अधिक सशक्त करेगा। ज़ाम्बिया के सर्वोच्च न्यायालय की माननीय न्यायाधीश मती न्यायमूर्ति आभा नायर पटेल ने कहा कि शांति की सबसे मजबूत नींव संवाद है, जबकि लंका के सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश माननीय न्यायमूर्ति ए.एच.एम.डी. नवाज ने भारत को लंका का विश्वसनीय मित्र बताते हुए शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व को मध्यस्थता की आधारशिला बताया।
अपने समापन विचारों में आर संथानाकृष्णन, आजीवन अध्यक्ष, निवारण ने सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए माननीय न्यायमूर्ति संजीव प्रकाश शर्मा तथा राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के नेतृत्व की सराहना करते हुए न्यायपालिका, आयोजकों और सभी प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
जयपुर डिक्लेरेशन ऑन पीस मेडिएशन एंड रूल ऑफ लॉ' पर हस्ताक्षर के साथ सम्मेलन सम्पन्न:
सम्मेलन के समापन अवसर पर जयपुर डिक्लेरेशन ऑन पीस मेडिएशन एंड रूल ऑफ लॉ पर औपचारिक रूप से हस्ताक्षर किए गए। इस घोषणा-पत्र के माध्यम से कॉमनवेल्थ देशों ने शांति, मध्यस्थता, न्याय तक प्रभावी पहुंच तथा विधि के शासन को और अधिक सुदृढ़ बनाने की अपनी सामूहिक प्रतिबद्धता दोहराई। समापन दिवस पर आयोजित पूर्ण अधिवेशनों में सामुदायिक स्तर पर विवाद समाधान, सहभागी स्थानीय शासन, सामाजिक विश्वास तथा समावेशी एवं सतत विकास में मध्यस्थता की उपयोगिता पर व्यापक चर्चा हुई। सभी वक्ताओं ने इस बात पर सहमति व्यक्त की कि स्थायी शांति का आधार संवाद, सहमति और संस्थागत विश्वास है। उल्लेखनीय है कि कॉमनवेल्थ पीस मेडिएशन कॉन्फ्रेंस-2027 का आयोजन बहामास में किया जाएगा।
राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य सचिव हरि ओम अत्री ने सभी अतिथियों, सहयोगी संस्थाओं एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। इसके उपरांत कॉमनवेल्थ पीस मेडिएशन कॉन्फ्रेंस-2026 का राष्ट्रगान के साथ सफलतापूर्वक समापन हुआ।
