मौत के बाद ‘जिंदा’ दिखाकर हड़पी जमीन: चूरू में फर्जी वसीयत कांड का खुलासा, 2 आरोपी गिरफ्तार

Friday, Apr 17, 2026-03:39 PM (IST)

चूरू की कोतवाली थाना पुलिस ने पैतृक जमीन हड़पने की बड़ी साजिश का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने एक मृत व्यक्ति को दस्तावेजों में जिंदा दिखाकर उसके नाम से फर्जी वसीयत तैयार करवाई और बाद में उसी के आधार पर जमीन पर कब्जा जमा लिया।

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने अपनी योजना को अंजाम देने के लिए अदालत में झूठे गवाह भी पेश किए, जिन्होंने फर्जी दस्तावेजों को सही बताने की कोशिश की। मामले में कार्रवाई के बाद दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।

मृतक के नाम पर बनाई फर्जी वसीयत
कोतवाली थाने के एएसआई राजू सिंह के अनुसार, झुंझुनूं जिले के महनसर निवासी विक्रम सिंह ने 11 अगस्त 2024 को इस मामले में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। शिकायत में बताया गया कि परिवार की पैतृक कृषि भूमि का कभी विधिवत बंटवारा नहीं हुआ था, जिसका फायदा उठाकर आरोपियों ने साजिश रची।

जांच में खुलासा हुआ कि गिरधारी सिंह नामक व्यक्ति की मृत्यु 5 जुलाई 2006 को हो चुकी थी। इसके बावजूद करीब 11 महीने बाद उसके नाम से फर्जी वसीयत तैयार कर ली गई और उसे असली बताकर अदालत में पेश किया गया।

झूठे गवाहों के सहारे लिया कोर्ट का सहारा
आरोपियों ने मामले को मजबूत दिखाने के लिए अदालत में गवाह खड़े किए, जिन्होंने गलत बयान देकर फर्जी वसीयत को वैध साबित करने की कोशिश की। इसके साथ ही फर्जी बंटवारा पत्र और अन्य दस्तावेज तैयार कर अदालत से अपने पक्ष में फैसला भी हासिल कर लिया।

राजस्व रिकॉर्ड में भी की हेराफेरी
साजिश यहीं नहीं रुकी। आरोपियों ने बाद में राजस्व रिकॉर्ड में बदलाव कर जमीन अपने नाम दर्ज करवा ली और उस पर कब्जा कर लिया।

पुलिस ने इस मामले में महनसर निवासी सुधीर कुमार (45) और गजेन्द्र सिंह (70) को गिरफ्तार किया है। दोनों को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है।

पुलिस का कहना है कि इस पूरे प्रकरण में अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच जारी है और जल्द ही और खुलासे हो सकते हैं।

 


Content Editor

Ishika Jain

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