बारां में गौसेवकों पर बल प्रयोग विवाद: तीन पुलिसकर्मी लाइन हाजिर, जांच जारी
Friday, Feb 13, 2026-06:55 PM (IST)
बारां। राजस्थान के बारां शहर में बछड़े का कटा हुआ शव मिलने के बाद शुरू हुआ विवाद अब पुलिस कार्रवाई तक पहुंच गया है। प्रदर्शन के दौरान गौसेवकों पर कथित बल प्रयोग को लेकर नाराजगी बढ़ने के बाद तीन पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया गया है। मामले की जांच जारी है।
लाठीचार्ज के बाद बढ़ा विवाद
सोमवार को बारां बंद के दौरान प्रताप चौक पर गौसेवक धरने पर बैठे थे। इसी दौरान पुलिस ने उन्हें हटाने के लिए बल प्रयोग किया। घटना के बाद शहर में तनाव की स्थिति बन गई और लोगों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए।
पुलिस अधीक्षक अभिषेक अंदासु ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। जांच में प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए तीन पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया गया है। वीडियो फुटेज और मौके पर मौजूद अधिकारियों से जानकारी जुटाई जा रही है। तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बछड़े का कटा शव मिलने से फैला आक्रोश
जानकारी के अनुसार 6 फरवरी को बरडिया क्षेत्र में एक बछड़े का कटा हुआ शव मिला था। इस घटना के बाद गौसेवकों और सर्व हिन्दू समाज में आक्रोश फैल गया।
8 फरवरी को बैठक के बाद 9 फरवरी को बारां बंद का आह्वान किया गया। बंद के बाद प्रताप चौक पर शांतिपूर्ण धरना दिया जा रहा था, जहां बाद में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति बन गई।
ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग
भंवरगढ़ कस्बे में हिंदू समाज की ओर से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। विश्व हिन्दू परिषद (VHP) के जिला मंत्री सीताराम सुमन के नेतृत्व में थाना प्रभारी गोपीलाल आर्य को ज्ञापन दिया गया।
ज्ञापन में लाठीचार्ज की निंदा करते हुए संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की गई है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि मामले का शीघ्र निस्तारण नहीं हुआ तो जिलेभर में आंदोलन किया जाएगा।
जांच जारी, रिपोर्ट के बाद होगी अगली कार्रवाई
फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच में जुटी है। प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता है और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है ताकि शहर में शांति व्यवस्था बनी रहे।
