ANTF और ब्यावर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई, 85.380 किलो अफीम की बड़ी खेप पकड़ी
Wednesday, Aug 19, 2026-09:26 AM (IST)
जयपुर। जैतारण क्षेत्र में नशे के काले कारोबार के खिलाफ एएनटीएफ और ब्यावर जिला पुलिस ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस कार्रवाई के तहत 85.380 किलोग्राम अवैध अफीम का दूध बरामद किया गया है। जब्त अफीम की अनुमानित कीमत करीब 4 करोड़ 30 लाख रुपए आंकी गई है। कार्रवाई के दौरान तस्करों द्वारा इस्तेमाल की जा रही स्कॉर्पियो गाड़ी और छह फर्जी नंबर प्लेट भी जब्त की गई हैं। हालांकि, गाड़ी में सवार दो तस्कर अंधेरे, खेतों और बबूल की झाड़ियों का फायदा उठाकर फरार होने में सफल रहे। पुलिस ने उनकी तलाश तेज कर दी है।
मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ विशेष अभियान
पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक दिनेश एमएन तथा अजमेर रेंज पुलिस महानिरीक्षक डॉ. रवि सभरवाल के सतत मार्गदर्शन में ब्यावर जिले में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत एएनटीएफ पाली टीम की आसूचना पर एएनटीएफ और ब्यावर जिला पुलिस ने संयुक्त रूप से यह बड़ी कार्रवाई की।
एएनटीएफ के सहयोग से कार्रवाई की
जिला पुलिस अधीक्षक ब्यावर रतन सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. अनुकृति उज्जैनिया तथा जैतारण वृत्ताधिकारी रमेंद्र सिंह हाड़ा के सुपरविजन में थानाधिकारी जैतारण धोलाराम पुलिस निरीक्षक की टीम ने एएनटीएफ के सहयोग से कार्रवाई की।
सूचना मिलते ही हरकत में आई पुलिस
पुलिस के अनुसार 17 अगस्त को एएनटीएफ पाली के कांस्टेबल दिनेश ढाका को अफीम की बड़ी खेप के परिवहन की सूचना मिली। सूचना के आधार पर थानाधिकारी जैतारण को जानकारी दी गई कि काले रंग की स्कॉर्पियो में अवैध अफीम लेकर तस्कर बर से जैतारण की ओर आ रहे हैं। एएनटीएफ टीम पहले से ही संदिग्ध वाहन की निगरानी और पीछा कर रही थी।
गोचर भूमि में संदिग्ध स्कॉर्पियो खड़ी मिली
सूचना मिलते ही जैतारण थाना पुलिस की टीम हथियार, इलेक्ट्रॉनिक कांटा-बांट, अनुसंधान बॉक्स और लैपटॉप सहित मौके के लिए रवाना हुई। टीम खिनावड़ी गांव की सरहद में पहुंची, जहां खिनावड़ी से फुलमाल जाने वाली ग्रेवल सड़क पर गोचर भूमि में संदिग्ध स्कॉर्पियो खड़ी मिली।
स्टॉप स्टिक से टायर फटने के बाद भी करीब 10 किलोमीटर भगाई गाड़ी
नाकाबंदी के दौरान पुलिस ने स्कॉर्पियो को रोकने का प्रयास किया, लेकिन तस्करों ने वाहन नहीं रोका। एएनटीएफ टीम ने स्टॉप स्टिक का इस्तेमाल कर वाहन के टायर बर्स्ट कर दिए, इसके बावजूद तस्कर गाड़ी को करीब 10 किलोमीटर तक दौड़ाते रहे। पुलिस टीम ने पीछा कर आखिरकार वाहन को पकड़ लिया।
अंधेरे के कारण तस्करों का का सुराग नहीं लगा
बताया गया कि गाड़ी में दो व्यक्ति सवार थे। पुलिस की घेराबंदी के बीच दोनों तस्कर अंधेरे का फायदा उठाकर खेतों और जंगल की ओर भाग निकले। पुलिस टीम ने आसपास के खेतों, बबूल की झाड़ियों और जंगल में काफी तलाश की, लेकिन अंधेरे के कारण दोनों का सुराग नहीं लग पाया।
आठ कट्टों और थैले से निकला 85.380 किलो अफीम का दूध
पुलिस ने स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में स्कॉर्पियो की नियमानुसार तलाशी ली। तलाशी के दौरान वाहन से आठ प्लास्टिक के कट्टे और एक थैला बरामद हुआ। इनमें कुल 85.380 किलोग्राम अवैध अफीम का दूध भरा हुआ पाया गया। पुलिस ने अफीम के नमूने लेकर नियमानुसार पैकिंग एवं सीलिंग की कार्रवाई की। इस कार्रवाई में जब्त अफीम की कीमत करीब 4 करोड़ 30 लाख रुपए आंकी गई है। इतनी बड़ी मात्रा में अफीम की बरामदगी को ब्यावर जिले में मादक पदार्थों के खिलाफ हुई बड़ी कार्रवाइयों में से एक माना जा रहा है।
छह फर्जी नंबर प्लेटों से पुलिस को चकमा देने की तैयारी
स्कॉर्पियो की तलाशी के दौरान पुलिस को छह फर्जी नंबर प्लेट भी मिलीं। पुलिस के अनुसार अलग-अलग नंबर प्लेटों का इस्तेमाल कर तस्कर पुलिस को गुमराह करने और वाहन की पहचान छिपाने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस ने सभी फर्जी नंबर प्लेटों को भी जब्त कर लिया है।
तस्करों तक पहुंचेगी पुलिस की जांच
एएनटीएफ की सतर्कता और पुलिस की त्वरित कार्रवाई से नशे की बड़ी खेप अपने गंतव्य तक पहुंचने से पहले ही पकड़ ली गई। वाहन, अफीम और फर्जी नंबर प्लेटों को जब्त कर थाना जैतारण में प्रकरण संख्या 358/2026, धारा 8/18 एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। प्रकरण की जांच डिप्टी एसपी जैतारण रमेंद्र सिंह हाड़ा द्वारा की जाएगी।
इतनी बड़ी मात्रा में अफीम कहां से लाई गई
इसको लेकर फरार दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने टीमें गठित कर तलाश शुरू कर दी है। साथ ही पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि इतनी बड़ी मात्रा में अफीम कहां से लाई गई थी, इसे कहां पहुंचाया जाना था और इस तस्करी के नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं।
ब्यावर जिला पुलिस और एएनटीएफ ने स्पष्ट किया है कि मादक पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और नशे की सप्लाई चेन से जुड़े लोगों तक पहुंचने के लिए हर पहलू पर जांच की जाएगी।
— ईश्वर सिंह सूर्यवंशी
