भारत की सबसे बड़ी ‘डिजिटल सेना’ बना रहे अंकुर चंद्रकांत, साइबर अपराध और ऑनलाइन ठगी से बचाएगी

Friday, Mar 06, 2026-05:01 PM (IST)

जयपुर। डिजिटल इंडिया के इस दौर में जहां मोबाइल फोन हमारी जिंदगी का सबसे अहम हथियार बन चुका है, वहीं यही हथियार साइबर अपराधियों के लिए सबसे आसान शिकार भी बनता जा रहा है। ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, डीपफेक वीडियो, एआई आधारित फ्रॉड और सोशल मीडिया स्कैम्स ने आम लोगों की नींद उड़ा दी है। ऐसे समय में साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ अंकुर चंद्रकांत ने एक बड़े राष्ट्रीय आंदोलन की नींव रखी है, जिसका नाम है -“मिशन 1 मिलियन: डिजिटल कवच”

 

तीन चरणों में दी जाएगी जानकारी  
अंकुर चंद्रकांत ने बताया की पहले चरण में 0 से 3 लाख फॉलोअर्स तक लोगों को साइबर खतरों के प्रति जागरूक किया जाएगा। इसके तहत रोजाना स्कैम अलर्ट्स, डीपफेक और एआई फ्रॉड की सच्चाई सोशल मीडिया के जरिए सामने लाई जाएगी।

दूसरे चरण में 3 लाख से 7 लाख फॉलोअर्स के बीच लाइव ट्रेनिंग सेशन्स शुरू होंगे, जिनमें बेसिक साइबर हाइजीन, मोबाइल और सोशल मीडिया की प्राइवेसी सेटिंग्स जैसी जरूरी जानकारियां दी जाएंगी।

तीसरे और अंतिम चरण में 7 लाख से 10 लाख फॉलोअर्स पूरे होने पर ₹10 करोड़ की फ्री साइबर ट्रेनिंग का भव्य शुभारंभ होगा, जिसमें एडवांस साइबर सिक्योरिटी और एंटी-स्कैम मास्टरक्लास कराई जाएंगी।

 

कब, कहा और कैसे ले क्लास की जानकारी 
अंकुर चंद्रकांत ने कहा कि साइबर एक्सपर्ट की ऑनलाइन क्लास वो अपने सोशल मीडिया पर 1 मिलियन फॉलोअर्स पूरे होने पर फ्री देंगे। यह क्लास लेने के लिए अंकुर चंद्रकांत के ऑफिसियल इंस्टाग्राम चैनल (Ankur Decodes) ‘https://www.instagram.com/ankurdecodes  के Bio के लिंक में रजिस्ट्रेशन फॉर्म दिया गया है। यहाँ जाकर  इच्छुक लोग फ्री ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करें।

 

कौन हैं अंकुर चंद्रकांत 
अंकुर एक साइबर हेल्प NGO के संस्थापक हैं, जो भारत का पहला और एकमात्र साइबर अपराध रोकथाम और महिला सुरक्षा के लिए समर्पित गैर सरकारी संगठन है. अंकुर चंद्रकांत ने गूगल और माइक्रोसॉफ्ट जैसी वैश्विक कंपनियों में काम किया है। वे कई लॉ एनफोर्समेंट एजेंसियों और राज्य पुलिस को भी साइबर ट्रेनिंग दे चुके हैं। 15 वर्षों के अनुभव ने उन्हें इस क्षेत्र का भरोसेमंद चेहरा बनाया है।

 

यह एक क्लास नहीं, बल्कि आंदोलन है
अंकुर चंद्रकांत कहते हैं कि मिशन 1 मिलियन सिर्फ एक ट्रेनिंग प्रोग्राम नहीं, बल्कि एक राष्ट्रीय डिजिटल आंदोलन है। उनका मानना है कि जब 10 लाख युवा जागरूक होंगे, तभी साइबर अपराधियों और सिस्टम दोनों को यह संदेश जाएगा कि भारत का डिजिटल नागरिक अब कमजोर नहीं, बल्कि तैयार है। अंकुर चंद्रकांत ने बताया की जो ट्रेनिंग मेरे द्वारा दी जाएगी उसकी वर्तमान समय में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत हजारों रूपये है। अगर इसे न्यूनतम 100 रूपये प्रति व्यक्ति भी माना जाए, तो 10 लाख लोगों के लिए यह 10 करोड़ रूपये की सीधी डिजिटल मदद है।

 

क्यों है जरूरी साइबर एक्सपर्ट बनना 
साइबर एक्सपर्ट अंकुर चंद्रकांत ने बताया कि आजकल के युवा एंटरटेनमेंट हो या फिर सोशल मीडिया पर रीलबाजी में ध्यान दे रहे हैं। जो की आने वाले भविष्य में उन युवाओं के लिए एक बड़ी मुसीबत बन जाएगी। इसको देखते हुए अंकुर चंद्रकांत ने इन युवाओं को एंटरटेनमेंट के बजाय साइबर एक्सपर्ट बनाना उचित समझा, जो की अंकुर चंद्रकांत इसकी ट्रेनिंग फ्री देंगे। युवाओं को संदेश देते हुए अंकुर चंद्रकांत ने कहा की एंटरटेनमेंट को फॉलो करने के बजाय हमें फॉलो करें जिससे कि हम आपको होने वाले साइबर फ्रॉड से भी बचाएंगे और इसका ज्ञान भी देंगे।


Content Editor

Anil Jangid

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