पाली में सीवरेज और गंदे पानी की समस्या पर कांग्रेस का प्रदर्शन, एलएंडटी व निगम आयुक्त कार्यालय पर लगाया ताला
Monday, Jan 19, 2026-04:17 PM (IST)
पाली। शहर में लंबे समय से चली आ रही सीवरेज व्यवस्था की बदहाली और गंदे पानी की सप्लाई की समस्या को लेकर सोमवार को कांग्रेस ने जोरदार प्रदर्शन किया। विधायक भीमराज भाटी के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पहले जलदाय विभाग परिसर स्थित एलएंडटी कार्यालय और बाद में नगर निगम आयुक्त कार्यालय पर ताला लगाकर करीब साढ़े तीन घंटे तक धरना दिया। आखिरकार दोनों ही मामलों में अधिकारियों द्वारा एक सप्ताह में समस्या समाधान का लिखित आश्वासन दिए जाने के बाद धरना समाप्त हुआ।
सुबह करीब साढ़े दस बजे विधायक भीमराज भाटी के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता जलदाय विभाग परिसर पहुंचे। यहां एलएंडटी के कार्यालय पर ताला लगाया गया और वहीं धरना शुरू कर दिया गया। कांग्रेस शहर ब्लॉक अध्यक्ष हकीम भाई, महबूब टी सहित अन्य नेताओं ने एलएंडटी के प्रोजेक्ट मैनेजर ईश्वर सिंह की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई। कांग्रेस नेताओं का कहना था कि जब जनप्रतिनिधियों के फोन तक नहीं उठाए जाते, तो शहर की सीवरेज जैसी गंभीर समस्या का समाधान कैसे होगा। कार्यकर्ता दोपहर करीब एक बजे तक एलएंडटी कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे रहे।
मौके पर पहुंचे जलदाय विभाग के एक्सईएन कानसिंह राणावत ने लिखित में आश्वासन दिया कि गंदे पानी की सप्लाई की समस्या का समाधान एक सप्ताह के भीतर कर दिया जाएगा। इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एलएंडटी कार्यालय पर लगाया गया ताला खोलकर धरना समाप्त किया।
इसके बाद सीवरेज समस्या के स्थायी समाधान की मांग को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ता रैली के रूप में नगर निगम पाली कार्यालय पहुंचे। यहां जमकर नारेबाजी की गई और निगम आयुक्त नवीन भारद्वाज के कार्यालय के गेट पर ताला लगाकर धरना शुरू कर दिया गया। निगम अधिकारियों द्वारा समझाइश की गई, लेकिन कांग्रेस नेता लिखित आश्वासन पर अड़े रहे। अंततः निगम प्रशासन की ओर से एक सप्ताह में सीवरेज समस्या के समाधान का लिखित भरोसा दिया गया, जिसके बाद दोपहर करीब दो बजे धरना समाप्त हुआ।
धरने के बाद कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर एलएन मंत्री को ज्ञापन सौंपकर शहर की समस्याओं से अवगत कराया। कांग्रेस नेता महबूब टी ने कहा कि सीवरेज होदियां ओवरफ्लो होने से गंदा पानी सड़कों पर फैल रहा है। ऑनलाइन शिकायतों के बावजूद महीनों तक समाधान नहीं होता, जिससे आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
