कोटा के नसिया जी में गुरु चरणों में श्रद्धा, बच्चों ने छोड़ा फास्ट फूड
Sunday, Feb 15, 2026-02:17 PM (IST)
कोटा : पुण्योदय तीर्थ नसिया जी दादाबाड़ी में श्रद्धा और भक्ति का अनोखा संगम देखने को मिला. यहां पर आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महाराज की स्मृति में आयोजित धार्मिक कार्यक्रमों में समाज की सक्रिय भागीदारी रही. बच्चों ने संयम और स्वास्थ्य का संदेश अपनाते हुए फास्ट फूड त्यागने का संकल्प लिया, जिससे वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर उठा.
कोटा के दादाबाड़ी पुण्योदय तीर्थ नसिया जी में मुनि श्री के श्रीचरणों में श्रीफल अर्पित कर 17 फरवरी को राष्ट्रसंत आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महाराज की सल्लेखना (समाधि) दिवस, अष्टानिका, सिद्धचक्र महामंडल विधान एवं दीर्घकालीन प्रवास हेतु निवेदन किया गया. श्रद्धालुओं ने गहरी आस्था के साथ आयोजन की तैयारियों में सहभागिता जताई और धार्मिक कार्यक्रमों को सफल बनाने का संकल्प लिया.
प्रशासनिक मंत्री अर्चना (रानी) सर्राफ ने बताया कि निर्यापक श्रमण मुनि योगसागर जी महाराज को आहार देने का सौभाग्य ऋषभ, मनीष एवं जयंत राजू मोहिवाल परिवार को मिला. इस दौरान समाज के लोगों ने इसे अत्यंत पुण्य अवसर मानते हुए भक्ति भाव से सहभागिता की.
पाठशाला संयोजिका एवं कार्यकारिणी सदस्या सरिता ठग ने बताया कि आचार्य विद्यासागर पाठशाला के करीब 35 विद्यार्थी गुरु भक्ति आरती के पश्चात पूज्य निर्मोह सागर जी महाराज के सानिध्य में अनुशासित रूप से उपस्थित हुए. महाराज श्री ने बच्चों को देव-शास्त्र-गुरु के प्रति विनय और जैन सिद्धांतों की महत्ता समझाई.
महराज ने बच्चों को स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से फास्ट फूड के दुष्परिणाम भी बताए और संयमित जीवनशैली अपनाने की प्रेरणा दी. प्रवचन से प्रभावित होकर 21 बच्चों ने फास्ट फूड का त्याग करने का संकल्प लिया, जो कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रहा.
प्रशासनिक मंत्री पारस दोराया ने बताया कि मुनि संघ की व्यवस्थाओं में पूरा समाज एकजुट होकर सेवा में लग रहा है. उन्होंने जानकारी दी कि प्रातः 9 बजे मुनि श्री के प्रवचन पुनः दादाबाड़ी पुण्योदय तीर्थ नसिया जी में आयोजित होंगे. धार्मिक माहौल और समाज की सक्रिय भागीदारी से क्षेत्र में भक्ति का वातावरण बना हुआ है.
