RTE Admission 2026: आवेदन का आज आखिरी मौका, अब नर्सरी से पहली तक 4 कक्षाओं में मिलेगा 25% निशुल्क प्रवेश

Wednesday, Mar 04, 2026-12:16 PM (IST)

शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम के तहत निजी स्कूलों में 25 प्रतिशत निशुल्क सीटों पर प्रवेश के लिए आवेदन करने का आज अंतिम दिन है। शिक्षा विभाग ने इस बार आवेदन प्रक्रिया और पात्रता नियमों में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। इन बदलावों का उद्देश्य अधिक से अधिक जरूरतमंद बच्चों को शिक्षा का लाभ दिलाना है।

अभिभावकों के लिए यह अंतिम मौका है कि वे अपने बच्चों के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया समय रहते पूरी कर लें। अंतिम दिन होने के कारण पोर्टल पर तकनीकी दबाव बढ़ने की संभावना भी जताई जा रही है, इसलिए अभिभावकों को जल्द से जल्द आवेदन करने की सलाह दी गई है।

अब चार कक्षाओं में मिलेगा प्रवेश

इस वर्ष RTE के तहत प्रवेश प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया गया है। पहले इस योजना के तहत केवल नर्सरी या कक्षा पहली में ही प्रवेश का विकल्प उपलब्ध था। लेकिन अब शिक्षा विभाग ने इसका दायरा बढ़ा दिया है।

अब अभिभावक अपने बच्चों के लिए नर्सरी, एलकेजी (LKG), यूकेजी (UKG) और कक्षा पहली में से किसी भी कक्षा के लिए आवेदन कर सकते हैं। इससे उन बच्चों को भी लाभ मिलेगा जो पहले किसी कारण से आवेदन नहीं कर पाए थे या जिनकी आयु अन्य कक्षाओं के अनुरूप है।

शिक्षा विभाग का मानना है कि इस बदलाव से अधिक बच्चों को निजी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अवसर मिल सकेगा।

आयु सीमा का निर्धारण

RTE के तहत आवेदन करते समय बच्चे की आयु के अनुसार सही कक्षा का चयन करना जरूरी होगा। शिक्षा विभाग ने इसके लिए आयु सीमा भी तय की है।

  • नर्सरी (Pre-Primary 3+) – 3 वर्ष से अधिक और 4 वर्ष से कम

  • एलकेजी (Pre-Primary 4+) – 4 वर्ष से 5 वर्ष तक

  • यूकेजी (Pre-Primary 5+) – 5 वर्ष से अधिक और 6 वर्ष से कम

  • कक्षा पहली – 6 वर्ष से अधिक और 7 वर्ष से कम

आवेदन करते समय अभिभावकों को बच्चे के जन्म प्रमाण पत्र या अन्य वैध आयु प्रमाण पत्र के अनुसार ही कक्षा का चयन करना होगा। गलत जानकारी देने पर आवेदन निरस्त भी किया जा सकता है।

सीटों का नया फॉर्मूला लागू

इस बार RTE सीटों के निर्धारण के तरीके में भी बदलाव किया गया है। पहले सीटों की गणना वर्तमान सत्र की स्वीकृत क्षमता के आधार पर होती थी, लेकिन अब इसे बदलकर नया फॉर्मूला लागू किया गया है।

नई व्यवस्था के तहत निजी स्कूलों में पिछले तीन वर्षों में नर्सरी से कक्षा पहली तक हुए कुल प्रवेश का औसत निकाला जाएगा। इसी औसत संख्या के आधार पर 25 प्रतिशत सीटों पर RTE के तहत निशुल्क प्रवेश दिया जाएगा।

उदाहरण के तौर पर यदि किसी स्कूल में पिछले तीन वर्षों में औसतन 40 बच्चों का प्रवेश हुआ है, तो उसकी 25 प्रतिशत यानी 10 सीटें RTE के तहत आरक्षित होंगी।

खाली सीटों के आधार पर मिलेगा प्रवेश

इसके अलावा प्रवेश प्रक्रिया में एक और नियम लागू किया गया है। यदि किसी कक्षा में पिछले वर्षों के औसत के आधार पर 10 सीटें निर्धारित होती हैं और प्रमोशन के जरिए पहले से 8 विद्यार्थी उस कक्षा में आ चुके हैं, तो केवल शेष 2 सीटों पर ही नए प्रवेश दिए जाएंगे

यही नियम एलकेजी, यूकेजी और कक्षा पहली के लिए भी लागू रहेगा। इससे स्कूलों में सीटों का संतुलन बना रहेगा और प्रवेश प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होगी।

अंतिम दिन, देर न करें

चूंकि आज आवेदन का अंतिम दिन है, इसलिए अभिभावकों को सलाह दी गई है कि वे जल्द से जल्द आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें। अंतिम समय में पोर्टल पर अधिक ट्रैफिक होने के कारण तकनीकी समस्याएं भी आ सकती हैं।

आवेदन करते समय अभिभावकों को आय प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र और अन्य आवश्यक दस्तावेज पहले से तैयार रखने चाहिए।

यदि आवेदन प्रक्रिया समय पर पूरी नहीं की जाती, तो इस वर्ष RTE के तहत निशुल्क प्रवेश का अवसर हाथ से निकल सकता है।

आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को मिलेगा लाभ

RTE योजना का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और वंचित समुदाय के बच्चों को निजी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अवसर प्रदान करना है। इसके तहत निजी स्कूलों में 25 प्रतिशत सीटें आरक्षित की जाती हैं, जिन पर चयनित बच्चों की पढ़ाई का खर्च सरकार वहन करती है।

शिक्षा विभाग का कहना है कि इस बार किए गए बदलावों से अधिक बच्चों को योजना का लाभ मिलेगा और शिक्षा का दायरा भी बढ़ेगा।

ऐसे में अभिभावकों को सलाह दी गई है कि वे अंतिम समय का इंतजार न करते हुए तुरंत आवेदन करें, ताकि उनके बच्चों को बेहतर शिक्षा का अवसर मिल सके।


Content Editor

Payal Choudhary

सबसे ज्यादा पढ़े गए

Related News