राजस्थान में गैस की कालाबाजारी बढ़ी: झुंझुनूं तीसरे नंबर पर, जयपुर सबसे आगे!

Friday, Mar 27, 2026-04:12 PM (IST)

राजस्थान में एलपीजी गैस सिलेंडर की किल्लत के बीच कालाबाजारी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। ताजा रिपोर्ट के अनुसार, जयपुर और सीकर के बाद झुंझुनूं जिला पूरे प्रदेश में गैस की कालाबाजारी के मामलों में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है।

 

 गैस की कमी और कालाबाजारी का खेल

 

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प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से गैस सिलेंडरों की भारी कमी देखने को मिल रही है।

रसद विभाग का दावा है कि सप्लाई सामान्य है
लेकिन जमीनी स्तर पर उपभोक्ताओं को सिलेंडर नहीं मिल रहे

इसका फायदा उठाकर बिचौलिए और कुछ रसूखदार लोग सिलेंडरों को ब्लैक में ऊंचे दामों पर बेच रहे हैं

 

शिकायतों में झुंझुनूं टॉप-3 में

11 से 24 मार्च के बीच आई रिपोर्ट के अनुसार

  • कुल शिकायतें: 1,319
  • टॉप 3 जिले:
    • Jaipur – 322 शिकायतें
    • Sikar – 119 शिकायतें
    • Jhunjhunu – 87 शिकायतें

शेखावाटी के दो जिले टॉप-3 में होना प्रशासन के लिए चिंता का विषय बन गया है

 

आम लोगों को नहीं मिल रहा सिलेंडर

ग्राहकों का कहना है

  • एजेंसी पर जाने पर मिलता है जवाब – “नो स्टॉक”
  • कई बार कहा जाता है – “सर्वर डाउन है”
  • लेकिन अगर कोई ज्यादा पैसे देने को तैयार हो  तुरंत सिलेंडर मिल जाता है

यानी सिस्टम के अंदर ही गड़बड़ी के आरोप लग रहे हैं

 

बुकिंग में भी बड़ी समस्या

कालाबाजारी के साथ-साथ बुकिंग की दिक्कत भी बढ़ी है

  • प्रदेश में 7,122 लोगों ने शिकायत की कि बुकिंग नहीं हो रही
  • सीकर में 710 शिकायतें
  • झुंझुनूं और चूरू में भी बड़ी समस्या

मोबाइल ऐप और फोन दोनों पर सर्वर ठप होने की शिकायत

 

होटल-ढाबों में धड़ल्ले से इस्तेमाल

स्थानीय लोगों का आरोप

✔ घरेलू सिलेंडर होटलों और ढाबों में इस्तेमाल हो रहे
✔ गरीब उपभोक्ताओं को सिलेंडर नहीं मिल रहा
✔ जरूरतमंद लोग एजेंसियों के चक्कर काट रहे

 

प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती

हालात यह दिखाते हैं कि:

  • सप्लाई और ग्राउंड रियलिटी में बड़ा अंतर है
  • निगरानी और कार्रवाई की जरूरत है
  • कालाबाजारी रोकना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है

 

 निष्कर्ष

राजस्थान में गैस की कमी ने अब कालाबाजारी को बढ़ावा दे दिया है।
झुंझुनूं का टॉप-3 में आना स्थिति की गंभीरता दिखाता है
अगर जल्द सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो आम जनता की परेशानी और बढ़ सकती है


Content Editor

Payal Choudhary

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