झुंझुनूं में 3 फर्जी डॉक्टर गिरफ्तार: बिना FMGE पास किए कर रहे थे प्रैक्टिस, 25 लाख में बनते थे फर्जी सर्टिफिकेट

Thursday, Mar 26, 2026-03:01 PM (IST)

राजस्थान में फर्जी मेडिकल रजिस्ट्रेशन के बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने झुंझुनूं सहित कई जगहों पर कार्रवाई करते हुए तीन फर्जी डॉक्टरों को गिरफ्तार किया है, जो बिना जरूरी परीक्षा पास किए मरीजों का इलाज कर रहे थे।

 कार्रवाई और जांच से जुड़ा दृश्य

बिना परीक्षा पास किए बन गए डॉक्टर

जांच में सामने आया कि

  • आरोपियों ने विदेश से MBBS किया था
  • लेकिन जरूरी FMGE परीक्षा पास नहीं की
  • इसके बावजूद फर्जी दस्तावेजों के जरिए Rajasthan Medical Council में रजिस्ट्रेशन करा लिया

इसके बाद ये अलग-अलग जगहों पर मरीजों का इलाज कर रहे थे

ये आरोपी हुए गिरफ्तार

SOG ने जिन तीन लोगों को पकड़ा

  • नरेंद्र सिंह (खतेहपुरा)
  • प्रतीक चौधरी (रिजाणी)
  • दयाराम गुर्जर (राजोता)

पूछताछ के बाद तीनों को जयपुर ले जाया गया, जहां गिरफ्तारी की पुष्टि की गई।

 20-25 लाख में बनते थे फर्जी सर्टिफिकेट

जांच में एक बड़े रैकेट का खुलासा हुआ है

  • गिरोह हर अभ्यर्थी से 20 से 25 लाख रुपए लेता था
  • बदले में फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट और दस्तावेज तैयार करता था
  • इन्हीं के जरिए डॉक्टर के रूप में रजिस्ट्रेशन कराया जाता था

 RMC के अधिकारी भी गिरफ्तार

इस मामले में बड़ा खुलासा तब हुआ जब

  • Rajesh Sharma (पूर्व रजिस्ट्रार)
  • Akhilesh Mathur (नोडल अधिकारी)

को भी गिरफ्तार किया गया।

इससे साफ हुआ कि पूरे मामले में अंदर तक मिलीभगत थी

 फर्जी NOC के जरिए लिया रजिस्ट्रेशन

जांच में यह भी सामने आया कि

  • आरोपियों ने 2024 में दूसरे राज्यों की मेडिकल काउंसिल से फर्जी रजिस्ट्रेशन दिखाया
  • NOC में बदलाव कर उसकी कॉपी RMC में जमा करवाई
  • इसी आधार पर राजस्थान में प्रैक्टिस की अनुमति मिल गई

बड़ा सवाल: मरीजों की सुरक्षा पर खतरा

इस पूरे मामले ने कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं

  • बिना योग्य डॉक्टर मरीजों का इलाज कर रहे थे
  • स्वास्थ्य व्यवस्था में सेंध लगी
  • सिस्टम की पारदर्शिता पर सवाल उठे

 निष्कर्ष

झुंझुनूं में सामने आया यह फर्जी डॉक्टरों का मामला केवल एक जिले तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम में फैले भ्रष्टाचार और लापरवाही को उजागर करता है। SOG की इस कार्रवाई ने एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया है, जिससे भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगने की उम्मीद है।


Content Editor

Payal Choudhary

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