झुंझुनूं के तीन युवाओं ने UPSC में लहराया परचम: साहिल सिहाग को 500वीं, प्रीति जेवरिया को 521वीं और आशु कुमारी को 728वीं रैंक
Saturday, Mar 07, 2026-03:37 PM (IST)
संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा 2025 के परिणाम में राजस्थान के झुंझुनूं जिले के तीन युवाओं ने शानदार सफलता हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है। जिले के अलग-अलग गांवों से आने वाले इन युवाओं ने कठिन प्रतियोगी परीक्षा में सफलता हासिल कर यह साबित किया कि मेहनत और लगन से कोई भी लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।
इस बार UPSC परीक्षा में नांद का बास गांव के साहिल सिहाग ने ऑल इंडिया 500वीं रैंक, खेतड़ी तहसील के तातीजा गांव की प्रीति जेवरिया ने 521वीं रैंक और गढ़ला कलां गांव की आशु कुमारी ने 728वीं रैंक हासिल की है।
तीनों युवाओं की सफलता की खबर सामने आते ही उनके गांवों में खुशी का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने मिठाई बांटकर और बधाइयां देकर अपनी खुशी जाहिर की।
नौकरी के साथ तैयारी कर हासिल की सफलता
नांद का बास गांव के रहने वाले साहिल सिहाग एक साधारण किसान परिवार से आते हैं। उन्होंने UPSC परीक्षा में 500वीं रैंक प्राप्त कर अपने परिवार और गांव का नाम रोशन किया है।
साहिल फिलहाल गुजरात के एक थर्मल पावर प्लांट में नौकरी कर रहे हैं। नौकरी की व्यस्तता के बावजूद उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी और चौथे प्रयास में UPSC परीक्षा में सफलता हासिल की।
साहिल का शैक्षणिक रिकॉर्ड भी काफी शानदार रहा है। उन्होंने 10वीं कक्षा में 90 प्रतिशत और 12वीं कक्षा में 96.2 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे।
12वीं कक्षा में उनके अंक इतने अच्छे थे कि वे प्रदेश की मेरिट सूची में 9वें स्थान पर रहे थे।
बीटेक की पढ़ाई पूरी करने के बाद साहिल ने चंडीगढ़ में अपने चाचा के घर रहकर सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की।
दादा की प्रेरणा से तय किया लक्ष्य
साहिल सिहाग ने अपनी सफलता का श्रेय अपने दादा बनवारीलाल सिहाग को दिया है।
उन्होंने बताया कि बचपन से ही उनके दादा उन्हें पढ़ाई के लिए प्रेरित करते थे और उन्होंने ही उन्हें प्रशासनिक सेवा में जाने का सपना दिखाया।
दादा के मार्गदर्शन और परिवार के सहयोग से साहिल ने लगातार मेहनत की और आखिरकार UPSC परीक्षा में सफलता हासिल की।
आशु कुमारी पहले ही हो चुकी हैं चयनित
झुंझुनूं जिले के गढ़ला कलां गांव की आशु कुमारी ने UPSC परीक्षा में 728वीं रैंक हासिल की है।
आशु कुमारी इससे पहले भी सिविल सेवा परीक्षा में सफलता प्राप्त कर चुकी हैं। वर्ष 2022 में उनका चयन भारतीय रेलवे प्रबंधन सेवा (IRMS) में हुआ था।
फिलहाल वह रेलवे के ट्रैफिक विभाग में प्रशिक्षण ले रही हैं।
आशु कुमारी ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और परिवार के सहयोग को दिया है। उनके पिता का नाम मनफूल सिंह और माता का नाम संतोष देवी है।
प्रीति जेवरिया ने भी हासिल की सफलता
खेतड़ी तहसील के तातीजा गांव की प्रीति जेवरिया ने UPSC परीक्षा में 521वीं रैंक हासिल की है।
प्रीति के पिता थावरमल जेवरिया एक शिक्षक हैं, जबकि उनकी माता गीता देवी चिकित्सा विभाग में कार्यरत हैं।
प्रीति ने दिल्ली विश्वविद्यालय से गणित ऑनर्स में बीएससी की पढ़ाई की है।
उन्होंने बताया कि उनकी सफलता में उनके माता-पिता और शिक्षकों का बहुत बड़ा योगदान रहा है।
गांवों में खुशी का माहौल
UPSC परीक्षा के परिणाम घोषित होने के बाद झुंझुनूं जिले के इन तीनों गांवों में खुशी का माहौल बन गया है।
ग्रामीणों और रिश्तेदारों का लगातार घरों पर आना-जाना लगा हुआ है। लोग मिठाई बांटकर इन युवाओं की सफलता का जश्न मना रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि इन युवाओं ने न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे जिले का नाम रोशन किया है।
युवाओं के लिए प्रेरणा
झुंझुनूं जिले के इन तीनों युवाओं की सफलता अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा बन गई है।
इनकी मेहनत यह साबित करती है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और निरंतर प्रयास किया जाए तो किसी भी बड़ी प्रतियोगी परीक्षा में सफलता हासिल की जा सकती है।
